यमराज बनकर आए गजराज: हजारीबाग में कई को उतारा मौत के घाट, एक ही आंगन से उठीं 4 अर्थियां

Updated at : 13 Feb 2026 6:45 PM (IST)
विज्ञापन
Hazaribagh Elephant Attack

घटना के बाद ग्रामीणों से बात करते मांडू विधायक तिवारी महतो, Pic Credit- Prabhat Khabar

Hazaribagh Elephant Attack: झारखंड के हजारीबाग जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है. चुरचू प्रखंड के गोंदवार टोला में बुधवार आधी रात को 5 जंगली हाथियों ने जमकर उत्पाद मचाया. इस दौरान 6 लोगों को मौत के घाट उतार दिया. घटना के बाद ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है.

विज्ञापन

Hazaribagh Elephant Attack, हजारीबाग (आनंद सोरेन): हजारीबाग जिले के चुरचू प्रखंड में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है. आंगो पंचायत अंतर्गत गोंदवार टोला स्थित भुइयां टोली गांव में बुधवार देर रात जंगली हाथियों के झुंड ने जमकर तांडव मचाया. इस दौरान दो मासूम बच्चों सहित छह लोगों को हाथियों ने कुचल दिया. जिससे पांच लोगों की मौत मौके पर ही हो गई, जबकि एक बच्ची ने सदर अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. मृतकों में बड़कागांव के गली गांव निवासी सुमन कुमारी (31 वर्ष), गोंदवार भुइयां टोली की सबिता देवी (22 वर्ष)और उनकी चार साल की पुत्री संजना कुमारी, आठ माह का बेटा अनुराग कुमार, धनेश्वर राम (44 वर्ष) और सूरज राम (50) शामिल हैं. इस घटना से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है.

आधी रात गांव में घुसा हाथियों का झुंड

ग्रामीणों के अनुसार 12 फरवरी की रात करीब 12 बजे पांच जंगली हाथियों का झुंड गांव में प्रवेश कर गया. हाथियों की मौजूदगी की भनक लगते ही गांव में अफरा-तफरी मच गयी. सबसे पहले हाथियों ने धनेश्वर राम के घर को क्षतिग्रस्त किया. घर टूटता देख जैसे ही वे बाहर निकले, हाथियों ने उन्हें चपेट में ले लिया और मौके पर ही उनकी जान चली गयी. इसके बाद हाथियों ने दीपक कुमार के घर की चारदीवारी तोड़ दी. इसके बाद घर के अंदर मौजूद उनकी पत्नी सबिता देवी, चार साल की बेटी संजना और आठ माह के बेटे अनुराग को हाथियों ने कुचल दिया. सबिता देवी और उसके मासूम बेटे की मौके पर ही मौत हो गयी, जबकि गंभीर रूप से घायल संजना को सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गयी. जब घर में मौजूद दूसरे सदस्य सूरज राम जान बचाने के लिए भागा तो उसे भी दौड़ा करके मार डाला.

Also Read: कोडरमा में धराया हथियारों का सौदागर, देसी राइफल और जिंदा कारतूस बरामद

मेहमानी में आई महिला की भी गयी जान

हालांकि सुमन कुमारी की मौत ने गांव के सभी लोगों को झकझोर कर रख दिया. वह अपने पति बसंत कुमार और नौ माह के बेटे के साथ बड़कागांव से अपने मायके आयी थीं. पति ने बताया कि हाथियों के आने की खबर मिलते ही सभी जान बचाने के लिए भागे, तभी एक हाथी ने सुमन कुमारी को चपेट में ले लिया.

एक परिवार उजड़ गया

सबिता देवी के पति दीपक कुमार ने बताया कि घटना वाली रात करीब 12 बजे पत्नी से फोन पर बात हुई थी. पत्नी ने सिर्फ इतना कहा कि गांव में हाथियों का झुंड आ गया है. इसके बाद फोन कट गया. बाद में दोबारा कॉल लगाने की कोशिश की गयी तो संपर्क नहीं हो पाया. सुबह गांव पहुंचने पर पत्नी, दोनों बच्चे और पिता की मौत की खबर मिली. एक साथ चार शव देखकर दीपक कुमार का रो-रोकर बुरा हाल था.

सात घर क्षतिग्रस्त, दहशत का माहौल

करीब दो घंटे तक हाथियों ने गांव में तांडव मचाया. इस दौरान सात घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया. कई घरों के दरवाजे, खिड़कियां और खपरैल टूट गये. रोहित राम ने खिड़की से कूदकर अपनी जान बचाई. घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है.

मुआवजे व सुरक्षा की मांग पर धरना

घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने मृतकों के आश्रितों को सरकारी नौकरी, उचित मुआवजा, पक्का मकान, स्ट्रीट लाइट और हाथियों से बचाव के लिए वॉच टावर निर्माण की मांग को लेकर धरना दिया. ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया. उनका कहना है कि अगर समय रहते चेतावनी दी जाती तो हादसा टल सकता था. अधिकारियों के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हुआ.

सांसद-विधायक पहुंचे मौके पर

घटना की सूचना मिलते ही सांसद मनीष जायसवाल, मांडू विधायक तिवारी महतो, एसडीओ आदित्य पांडेय समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौके पर पहुंचे. सांसद ने पीड़ित परिवारों को पक्का मकान देने का निर्देश दिया.

तत्काल दी गयी सहायता, बाकी मुआवजे का आश्वासन

वन विभाग की ओर से अंतिम संस्कार के लिए सभी मृतक के परिजनों को 25-25 हजार रुपये दिये गये. शेष 3 लाख 76 हजार रुपये मार्च माह में देने का आश्वासन दिया गया है. बीडीओ ललित राम ने मृतक परिवारों को अनाज और भोजन की भी व्यवस्था कराई.

करगी जंगल में डेरा डाले हैं हाथी

ग्रामीणों के अनुसार घटना के बाद हाथियों का झुंड चुरचू पंचायत के करगी जंगल में डेरा डाले हुए हैं. हाथियों की मौजूदगी से आसपास के गांवों में भय का माहौल बना हुआ है.

Also Read: साल में सिर्फ एक बार होने वाली अलौकिक परंपरा के साक्षी बने हजारों भक्त, मंत्रोच्चार से गूंजा देवघर का बाबाधाम

विज्ञापन
Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola