10 दिन में घर-जमीन खाली करें
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :09 Dec 2016 8:01 AM (IST)
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हजारीबाग : सदर प्रखंड के ओरिया सिंघानी के ग्रामीणों को फोरलेन सड़क के लिए सरकार की ओर से मुआवजा अब तक मिला है, लेकिन भू-अर्जन कार्यालय ने ग्रामीणों को घर खाली करने के लिए दस दिन का अल्टीमेटम दे दिया है. कडाके की ठंड में अचानक सरकारी फरमान के बाद घर में रह रहे लोग […]
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हजारीबाग : सदर प्रखंड के ओरिया सिंघानी के ग्रामीणों को फोरलेन सड़क के लिए सरकार की ओर से मुआवजा अब तक मिला है, लेकिन भू-अर्जन कार्यालय ने ग्रामीणों को घर खाली करने के लिए दस दिन का अल्टीमेटम दे दिया है. कडाके की ठंड में अचानक सरकारी फरमान के बाद घर में रह रहे लोग सकते में हैं. बाल-बच्चे के साथ अब वह कहां जायेंगे, इसकी चिंता उन्हें सताने लगी है. इस मामले को लेकर भू-रैयतों ने गुरुवार को हजारीबाग उपायुक्त से मुलाकात की और नोटिस संबंधी आवेदन सौंपा. आवेदन देनेवालों में कपिलदेव साव, पूरन साव, कादिर हुसैन, संदीप कुमार, कमल साव, मो हाशिम, सुरेश गोप, जयचंद साव, तुलसी गोप, चिंता देवी, तारा देवी, लीलावती देवी, मीना देवी, संजू देवी आदि हैं.
क्या है मामला : हजारीबाग-बरही एनएच-33 का बाइपास फोरलेन ओरिया सिंघानी से होकर गुजरना है. एनएच ने 2011 में फोरलेन एवं चौड़ीकरण से संबंधित भूमि अधिग्रहण के लिए भू-रैयतों से अपात्ति की मांग की थी. भू-रैयतों ने भू-अर्जन कार्यालय में अपनी आपत्ति दर्ज करायी थी.
आपत्ति के संबंध में भू-अर्जन कार्यालय से कोई जवाब नहीं मिला. 30 नवंबर-2016 को भू-अर्जन कार्यालय ने रैयतों को नोटिस दिया कि फोरलाइन चौड़ीकरण में आनेवाले घर के मालिक अपने-अपने घरों को खाली कर दें. नोटिस मिलने के बाद ओरिया सिंघानी के इन मकानों में रह रहे लोगों में खलबली मच गयी, जिसके बाद उनकी चिंता बढ़ गयी. ग्रामीणों के अनुसार उन्हें कितना मुआवजा मिलेगा, इसकी तक जानकारी नहीं दी गयी है और दस दिन के अंदर घर खाली करने का फरमान भू-अर्जन कार्यालय की ओर से आ गया है.
मुआवजा लेनेवालों को ही नोटिस : सतीश चंद्रा
भू-अर्जन पदाधिकारी सतीश चंद्रा ने कहा कि कितने लोगों को नोटिस दिया है, उन्हें इसकी जानकारी नहीं है. जिन लोगों ने मुआवजा लिया है, उन्हीं लोगों को नोटिस दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जिन लोगों को घर खाली करने का नोटिस दिया गया है, उन्हें घर तोड़े से पहले मुआवजा दिया जायेगा.
नोटिस भेजना नाजायज : पूर्व मुखिया
ओरिया के पूर्व मुखिया नंदलाल साव ने कहा कि पांच साल पहले हमलोगों ने एनएच को लेकर आपत्ति दर्ज करायी थी. उस समय किसी ने उन्हें जानकारी नहीं दी. पांच साल के बाद अचानक नोटिस करना नाजायज है.
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