मोबाइल पर अचानक आया NDMA अलर्ट? घबराएं नहीं, असली वजह जानिए

Edited by Rajeev Kumar
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NDMA alert

मोबाइल पर तेज बीप के साथ आया इमरजेंसी मैसेज टेस्टिंग का हिस्सा है. जानिए NDMA और DoT का नया सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम कैसे काम करता है और आपको क्या करना चाहिए.

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अगर आपके मोबाइल फोन पर अचानक तेज बीप के साथ कोई अलर्ट मैसेज आया है, तो घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. यह किसी खतरे का संकेत नहीं, बल्कि सरकार द्वारा शुरू किये गए नए इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम का टेस्ट है. देशभर में एक एडवांस टेक्नोलॉजी को जांचा जा रहा है, जो भविष्य में आपदाओं के समय आपकी जान बचाने में अहम भूमिका निभा सकती है.

क्यों आ रहे हैं ये अलर्ट मैसेज

दरअसल, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (National Disaster Management Authority) और दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications) मिलकर एक नए सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम की टेस्टिंग कर रहे हैं. यह सिस्टम पारंपरिक SMS से अलग है. इसमें एक ही समय पर किसी खास इलाके के सभी मोबाइल फोनों पर मैसेज भेजा जा सकता है. इसका मकसद आपात स्थिति में तेजी से सूचना पहुंचाना है.

SACHET प्लैटफॉर्म से जुड़ी है टेक्नोलॉजी

यह पूरा सिस्टम सचेत अलर्ट सिस्टम (SACHET Alert System) नाम के प्लैटफॉर्म से जुड़ा हुआ है, जिसे टेलीमैटिक्स विकास केंद्र (Centre for Development of Telematics) ने विकसित किया है. यह एक पूरी तरह स्वदेशी तकनीक है. सरकार का फोकस है कि देश में ही बनी टेक्नोलॉजी से लोगों तक तेजी से चेतावनी पहुंचे और नेटवर्क पर लोड भी कम रहे.

कैसे काम करता है नया सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम

यह सिस्टम किसी एक-एक नंबर पर मैसेज भेजने के बजाय सीधे मोबाइल टावर के जरिए सभी यूजर्स तक अलर्ट पहुंचाता है. इससे बड़े हादसों के समय, जब नेटवर्क अक्सर व्यस्त हो जाते हैं, तब भी सूचना तुरंत मिल सकती है. भूकंप, सुनामी, बिजली गिरना या गैस लीक जैसी घटनाओं में यह सिस्टम बेहद उपयोगी साबित हो सकता है.

एक ही मैसेज बार-बार क्यों मिल रहा है

टेस्टिंग के दौरान कई बार एक ही अलर्ट बार-बार आ सकता है. ऐसा इसलिए क्योंकि अलग-अलग मोबाइल टावर और नेटवर्क की जांच की जा रही है. यह पूरी तरह सामान्य प्रक्रिया है. सरकार ने साफ कहा है कि इन मैसेज पर कोई प्रतिक्रिया देने की जरूरत नहीं है.

यूजर्स क्या करें और क्या न करें

अगर आपके फोन पर ऐसा अलर्ट आता है (या आया है), तो उसे नजरअंदाज कर सकते हैं. यह सिर्फ टेस्टिंग का हिस्सा है. ध्यान रखें कि ये मैसेज केवल उन्हीं फोनों पर आते हैं, जिनमें सेल ब्रॉडकास्ट टेस्ट अलर्ट फीचर ऑन होता है. आप इसे फोन की सेटिंग्स में जाकर मैनेज भी कर सकते हैं.

क्यों जरूरी है यह पहल?

भारत जैसे बड़े और विविध भौगोलिक परिस्थितियों (Diverse geographical conditions) वाले देश में समय पर चेतावनी मिलना बेहद जरूरी है. यह सिस्टम भविष्य में आपदाओं के दौरान सेकंड्स में अलर्ट भेजकर नुकसान को कम करने में मदद कर सकता है. आने वाले समय में यह टेक्नोलॉजी देश की सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा बन सकती है.

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Rajeev Kumar

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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