सैलानियों को लुभाती है केरेडारी की छटा

Published at :30 Dec 2015 6:57 AM (IST)
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सैलानियों को लुभाती है केरेडारी की छटा

केरेडारी : वर्ष 2015 की विदाई व वर्ष 2016 के आगमन की तैयारी में लोग जुट गये हैं. नववर्ष को सेलिब्रेट करने के लिए केरेडारी प्रखंडवासी कई तरह के ख्वाब दिल में संजोये हैं. लोगों में सामूहिक वनभोज करने व स्थलों का भ्रमण करने का उत्साह है. जंगलों, पहाड़ों, नदियां व झरनों से परिपूर्ण पर्यटन […]

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केरेडारी : वर्ष 2015 की विदाई व वर्ष 2016 के आगमन की तैयारी में लोग जुट गये हैं. नववर्ष को सेलिब्रेट करने के लिए केरेडारी प्रखंडवासी कई तरह के ख्वाब दिल में संजोये हैं. लोगों में सामूहिक वनभोज करने व स्थलों का भ्रमण करने का उत्साह है. जंगलों, पहाड़ों, नदियां व झरनों से परिपूर्ण पर्यटन स्थल भी लोगों के इंतजार में है.
कोती झरना : कोती झरना प्रखंड मुख्यालय से 20 किमी दूर बुंडू पंचायत में स्थित है. आने-जाने के लिए पक्की सड़क है. चारों तरफ पहाड़ों व जंगलों से घिरे कोती झरना का मनोरम दृश्य देखते ही बनता है. स्वच्छ व शांत वातावरण, पक्षियों का कलरव लोगों का मन मोह लेता है. नये साल में यहां लोग काफी संख्या में वनभोज करने दूर-दूर से आते हैं और वनभोज का आनंद लेते हैं. झरना का पानी नहाने व पीने में उपयोग करते हैं. झरने की खासियत है कि तीन पहाड़ों के बीच से सालों भर पानी गिरते रहता है. पानी को एक लंबी बांध से स्टोर किया गया है.
घाघरा डैम : प्राकृतिक छटा से परिपूर्ण घाघरा डैम प्रखंड मुख्यालय से 12 किमी दूर हेवई पंचायत में स्थित है. आने-जाने के लिए केरेडारी से पक्की सड़क है. चारों तरफ पहाड़, घने जंगलों से घिरा घाघरा डैम जिले के उत्कृष्ट पर्यटन क्षेत्रों में से एक है. दो पहाड़ियों के बीच से लगभग 150 फीट की ऊंचाई से गिरता झरना लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है.
घाघरा डैम में सालों भर पानी गिरता रहता है. नववर्ष आते ही पर्यटकों का आवागमन शुरू हो जाता है. लोग यहां नये साल में पिकनिक मनाने दूर-दूर से आते हैं. यहां पीने व नहाने की समुचित व्यवस्था है.
मां अष्टभुजी मंदिर : घाघरा डैम से एक किमी दूरी पर मां अष्टभुजी का मंदिर स्थित है. आने-जाने के लिए कच्ची सड़क है. नये साल में यहां सैकड़ों लोग पूजा-अर्चना कर मनोवांछित वर पाते हैं.
कम्हरैया डैम : कम्हरैया डैम मुख्यालय से पांच किमी दूर सलगा पंचायत में स्थित है. यहां आने-जाने के लिए पक्की सड़क है. कुम्हरैया डैम का मनोरम दृश्य देखते ही बनता है. स्वच्छ व शांत वातावरण, पक्षियों का कलरव लोगों का मन मोह लेता है. नये साल में यहां लोग काफी संख्या में पिकनिक मनाने दूर-दूर से आते हैं.
डैनी नदी : सलगा से तीन किमी दूरी में है डैनी नदी़ यहां आने-जाने के लिए कच्ची सड़क है. चारों तरफ पहाड़ व जंगलों से घिरा डैनी नदी का मनोरम दृश्य देखते ही बनता है.
स्वच्छ व शांत वातावरण, पक्षियों की चह-चहाअट, कल-कल बहती नदी लोगों को मंत्रमुग्ध कर देता है. नये वर्ष में यहां लोग काफी संख्या में वनभोज करने आते हैं. चारों तरफ लोगों का जमावड़ा लगा रहता है. इसके अलावा सेवाने नदी, सदाबहिया नदी में भी लोग पिकनिक मनाने आते हैं.
सात नंबर डैम : सात नंबर डैम प्रखंड मुख्यालय से चार किमी दूर केरेडारी में स्थित है. आने-जाने के लिए कच्ची सड़क है. चारों तरफ पहाड़ व जंगलों से घिरे डैम का नजारा देखते ही बनता है. नये साल में यहां लोग काफी संख्या में वनभोज करने दूर-दूर से आते हैं. डैम के चारों ओर लोगों की भीड़ देखते ही बनता है.
चुंदरू नदी : केरेडारी से सात किमी दूर पश्चिम दिशा में चुंदरू नदी है. पत्थरों को चिरते हुए पानी का बहाव देखते ही बनता है.
छतीसों माता स्थान : छतीसों माता स्थान प्रखंड मुख्यालय से छह किमी दूर पतरा में है. आने-जाने के लिए पक्की सड़क है. यह चारों तरफ पहाड़, जंगलों से घिरा है. यहां सैकड़ों लोग पूजा-अर्चना कर मनोवांछित वर मांगते हैं. नये साल में पिकनिक मनाने दूर-दूर से लोग यहां आते है़
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