कंप्यूटर की शिक्षा से दूर हैं विद्यार्थी

Published at :17 Dec 2015 12:54 AM (IST)
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कंप्यूटर की शिक्षा से दूर हैं विद्यार्थी

हजारीबाग : हुरहुरू सुभाष रोड स्थित राजकीयकृत कृष्ण बल्लभ उवि के बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा नहीं मिल रही है. इस स्कूल को सरकार ने कंप्यूटर उपलब्ध नहीं कराया है. प्रधानाध्यापक का पद वर्षों से रिक्त है. वर्तमान में कुल 10 शिक्षक-शिक्षिकाएं कार्यरत हैं. प्रयोगशाला भवन नहीं : स्कूल के पास अपना प्रयोगशाला भवन नहीं होने […]

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हजारीबाग : हुरहुरू सुभाष रोड स्थित राजकीयकृत कृष्ण बल्लभ उवि के बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा नहीं मिल रही है. इस स्कूल को सरकार ने कंप्यूटर उपलब्ध नहीं कराया है. प्रधानाध्यापक का पद वर्षों से रिक्त है. वर्तमान में कुल 10 शिक्षक-शिक्षिकाएं कार्यरत हैं.
प्रयोगशाला भवन नहीं : स्कूल के पास अपना प्रयोगशाला भवन नहीं होने से विद्यार्थियों को काफी परेशानी हो रही है. विद्यार्थियों ने स्कूल के कमरों को ही प्रयोगशाला बना दिया है.
स्कूल में पर्याप्त कमरे नहीं : बच्चों के अनुपात में स्कूल में कमरा नहीं है. कभी-कभी एक कमरे में दो वर्ग के बच्चों को पढ़ाया जाता है.
साइकिल स्टैंड नहीं : इस स्कूल में पढ़नेवाले बच्चों की संख्या 207 है. दूर-दराज से बच्चे स्कूल में पढ़ने आ रहे हैं. वह साइकिल से आते हैं. लेकिन स्कूल परिसर में साइकिल खड़ा करने के लिए साइकिल स्टैंड नहीं है. जिससे विद्यार्थियों को परेशानी होती है.
स्कूल का इतिहास : 1965 में स्कूल की स्थापना हुई. नाम कृष्ण बल्लभ उवि रखा गया. ग्रामीणों ने स्कूल खोला था. शहर के पगमिल इलाके में स्कूल चलता था. सरकार ने 1976 में स्कूल को सरकारी मान्यता देकर राजकीयकृत कर दिया.
स्कूल का बेहतर रिजल्ट : प्रभारी प्राचार्य शैलेंद्र कुमार ने बताया कि कम संसाधन के बाद भी इस स्कूल ने अन्य स्कूलों की अपेक्षा बेहतर रिजल्ट दिया है. 2015 के मैट्रिक परीक्षा में 54 प्रतिशत रिजल्ट रहा. उन्होंने कहा कि टीम वर्क की भावना से हम शिक्षक-शिक्षिकाएं बच्चों को बेहतर शिक्षा देने में लगे हैं.
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