2017 में सड़क दुर्घटना में 163 लोगों की मौत

Published at :06 Feb 2018 8:48 AM (IST)
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2017 में सड़क दुर्घटना में 163 लोगों की मौत

हर साल करीब 300 से अधिक सड़क दुर्घटनाएं होती हैं जिले की विभिन्न सड़कों पर 40 ब्लैक स्पॉट चिह्नित 236 दुर्घटनाओं में 215 दुर्घटनाएं वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग करने से हुई जयनारायण हजारीबाग : हजारीबाग की सड़कों पर सुरक्षित वाहन चलाना चुनौतीपूर्ण है. जिले में हर साल करीब 300 से अधिक सड़क दुर्घटनाएं […]

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हर साल करीब 300 से अधिक सड़क दुर्घटनाएं होती हैं
जिले की विभिन्न सड़कों पर 40 ब्लैक स्पॉट चिह्नित
236 दुर्घटनाओं में 215 दुर्घटनाएं वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग करने से हुई
जयनारायण
हजारीबाग : हजारीबाग की सड़कों पर सुरक्षित वाहन चलाना चुनौतीपूर्ण है. जिले में हर साल करीब 300 से अधिक सड़क दुर्घटनाएं होती हैं. सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2017 में सड़क दुर्घटना में 163 लोगों की मौत व 100 लोग घायल व अपंग हुए हैं. ये आंकड़े जिले के विभिन्न थानों में दर्ज मामलों के आधार पर लिये गये है.
ग्रामीण इलाकों में घटी दुर्घटनाएं संबंधित क्षेत्र के थाना में दर्ज नहीं हो पाती है. यदि निष्पक्षता से सभी आंकड़े इकट्ठे किये जायें, तो ये आंकड़े और बढ़ सकते है. जिले में इस प्रकार होनेवाली सड़क दुर्घटना पर रोक लगाने के लिए विभागीय स्तर पर काम किये जा रहे है.
कई ऐसी पुल व सड़कें है, जो पिछले पांच साल से निर्माणाधीन है. रिपोर्ट के माध्यम से प्रभात खबर सभी प्रकार की सड़क दुर्घटना की पड़ताल कर रहा है.
हजारीबाग में लगातार बढ़ रहे हैं ब्लैक स्पॉट: हजारीबाग की सड़कों पर लगातार ब्लैक स्पॉट बढ़ने से वाहन चलाना खतरे से खाली नहीं है. 2016 में परिवहन विभाग ने जिले की विभिन्न सड़कों पर 27 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किये गये थे. अब यह संख्या बढ़ कर 40 हो गयी है. 2017 में 13 नये ब्लैक स्पॉट व डेंजर जोन चिह्नित हुए हैं. यहां पर करीब 65 बड़ी दुर्घटनाएं घटी हैं, जिनमें 62 लोगों की मौत हुई है.
जिले में चिह्नित एक्सिडेंटल जोन: एनएच-33 पर नगवां हवाई अड्डा, सदर जिला परिषद चौक, संत कोलंबस कॉलेज मोड़, डेमोटांड़, मासीपीढ़ी, हत्यारी मोड़, करसो ब्रिज बरही, देवचंदा मोड़ पेट्रोल पंप बरही, रांची-पटना इटखोरी मोड़ बरही, जवाहर घाटी बरही, पदमा-कदवा, इचाक नेशनल पार्क, इचाक बोंगा, चरही यूपी मोड़, चरही घाटी, घाटो मोड़, पुराना बस स्टैंड, इचाक मोड़, बरही बिलौतिया मोड़ नया, एनएच-100 पर सिलवारखुर्द, सेवाने नदी दारू,
एनएच दो रसोइया धमना मोड़ बरही, करियातपुर बरही, बिलौतिया मोड़ बरही, जीटी रोड, सिंघरावा चौपारण, पिपरा चौपारण, जमुनिया घाटी गोरहर, घंघरी जीटी रोड बरकट्ठा, एसएच सात पर पसरिया घाटी बड़कागांव, एमडीआर- 070, पेलावल छड़वा डैम, एमडीआर बसरिया मोड़ गिद्दी, मुफस्सिल मुकुंदगंज, हुटपा मोड़, डेमोटांड़, मासपीढ़ी, सिंघानी, सिलवार, नगवां समेत अन्य जगहों के नाम शामिल हैं.मिक्स ड्राइव दुर्घटना का सबसे बड़ा कारण: हजारीबाग की अधिकतर सड़कें संकीर्ण व वनवे है.
एनएच-33 व एनएच -दो रोड ही फोरलेन है. मिक्स ड्राइव से रोज औसतन एक या दो बड़ी सड़क दुर्घटनाएं होती है. सड़कों की स्थिति गुणवत्तापूर्ण नहीं है. एनएच-33 के बरही से लेकर हजारीबाग तक निर्माण कार्य पिछले कई सालों से चल रहा है. लेकिन पिछले एक साल में इस निर्माणाधीन सड़क पर 95 सड़क दुर्घटनाएं घटी. लगभग 70 दुर्घटनाएं मिक्स ड्राइविंग के कारण घटी है.
सीधी सड़कों पर अधिक दुर्घटनाएं: हजारीबाग में खराब ड्राइविंग व यातायात के नियमों का पालन नहीं करने के कारण अधिकतर दुर्घटनाएं हो रही है. घुमावदार सड़कों की तुलना में सीधी सड़कों पर अधिक दुर्घटना हुई है. पिछले एक साल में 147 बड़ी सड़क दुर्घटनाएं सीधी सड़कों पर हुई है, जबकि 72 सड़क दुर्घटनाएं चौक-चौराहों पर घटी है. इस तरह टी-जंक्शन पर 10 और वाई जंक्शन पर एक, कल्वर्ट पर एक और पुल पर पांच दुर्घटनाएं घटी हैं. यह सभी सरकारी आंकड़े बता रहे है कि खराब ड्राइविंग, यातायात के नियतों की उपेक्षा व असावधानी से अधिक सड़क दुर्घटनाएं घटी है.
215 दुर्घटनाएं मोबाइल से बातचीत करने के दौरान घटी: हजारीबाग रोड सेफ्टी सेल के आंकड़ों के अनुसार 100 में से 91 दुर्घटनाएं मोबाइल में बातचीत करते हुए वाहन चलाने के कारण हुई है. सरकारी आंकड़े बताते है कि 236 दुर्घटनाओं में 215 दुर्घटनाएं वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग करने से हुई है. इनमें से 194 दुर्घटनाएं तेज गति से वाहन चलाने के वजह से घटी है. 18 दुर्घटना विपरीत दिशा में व दो घटनाएं शराब पीकर वाहन चलाने से घटी है.
अप्रशिक्षित चालकों से सबसे अधिक दुर्घटना: हजारीबाग जिले में अप्रशिक्षित चालकों की वजह से अधिक दुर्घटनाएं घटी है. इसमें अधिकतर मोटरसाइकिल व कार संबंधी दुर्घटनाएं शामिल हैं. एक साल में दो पहिया वाहन के 91 दुर्घटनाएं घटी हैं. 57 दुर्घटनाएं चार पहिया वाहन जैसे कार, जीप, वैन, टैक्सी से घटी हैं. इस तरह के वाहन जो अप्रशिक्षित चालक व निजी तौर पर मालिक द्वारा चलाये जाने से घटी हैं. कई ऐसे मामले भी सामने आये है, जो शौक से वाहन चलाने के दौरान घटना घटी है. शहर के मटवारी-कोर्रा रोड में युवा तेज गति से वाहन चलाते है. इससे सामान्य ढंग से वाहन चलानेवाले लोग चकमा खाने से भयभीत रहते है.
वाहनों की गति सीमा को नियंत्रित करनेवाले बोर्ड नहीं: सड़क दुर्घटना के संभावित स्थानों पर वाहनों की गति सीमा को नियंत्रित करनेवाले बोर्ड नहीं लगे है. यातायात गाइड लाइन भी नहीं होती है. वाहन चालक निर्भय होकर उन स्थानों से गुजरते हैं. इसके अंतर्गत आबादी वाले क्षेत्र, शहर के भीड़ भाड़ वाले क्षेत्र, स्कूल, कॉलेज व अन्य शैक्षणिक इलाकों पर वाहन चालकों के लिए बोर्ड में कोई दिशा निर्देश नहीं लगे हैं. ब्लैक स्पॉट के पास कोई सावधानी बरतने के लिए भी बोर्ड नहीं लगे है. इनमें केसुरा मोड़, मेरू गेट, झुमरा बाजार, टाटीझरिया, सेवाने पुल, सूर्यकुंड मोड़, सूर्यकुंड पुल, खैरा, बरहसिंघा मोड़, महवा मोड़, गोरहर मोड़, जमुनिया घाटी, सिक्रेज, बिलौतिया मोड़, जवाहर पुल, बरही पुल, गुजरा मोड़, बरसोत मोड़, रसोइया धमना, देवचंदा मोड, मासीपीढ़ी, डेमोटांड़, हत्यारी समेत खतरनाक चिह्नित स्थानों पर दुर्घटना रोकने के लिए कोई साइन बोर्ड नहीं लगाये गये है.
दुर्घटना जोन में दुर्घटना रोकने के लिए हो रहे है
कई काम: डीटीओ : डीटीओ प्रभात कुमार ने कहा कि एक माह में परिवहन नियमों को तोड़ने वाले लोगों से करीब आठ लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है. दुर्घटना जोन में दुर्घटना रोकने के लिए कई कार्य किये जा रहे हैं. कई जगहों पर साइ न बोर्ड लगाये गये है.
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