दूसरे दिन भी नहीं मिला विनोद पाठक का सुराग, महिला इंस्पेक्टर से पूछताछ
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :01 Feb 2018 4:48 AM (IST)
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हजारीबाग : शहर के जयप्रभा नगर में अन्नु पाठक की हत्या के आरोपी पति विनोद पाठक का सुराग दूसरे दिन भी पुलिस को नहीं मिला. इधर, विनोद पाठक की गिरफ्तारी नहीं होने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. मृतका अन्नु पाठक की पुत्री कीर्ति पाठक के बयान पर पुलिस ने इंस्पेक्टर मंजू ठाकुर […]
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हजारीबाग : शहर के जयप्रभा नगर में अन्नु पाठक की हत्या के आरोपी पति विनोद पाठक का सुराग दूसरे दिन भी पुलिस को नहीं मिला. इधर, विनोद पाठक की गिरफ्तारी नहीं होने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है.
मृतका अन्नु पाठक की पुत्री कीर्ति पाठक के बयान पर पुलिस ने इंस्पेक्टर मंजू ठाकुर से पूछताछ की. वहीं महिला का अंतिम संस्कार मुक्तिधाम खिरगांव में किया गया. आठ वर्षीय पुत्र वंश ने मुखाग्नि दी. विधायक मनीष जायसवाल, एंजिल्स स्कूल की निदेशिका निशा जायसवाल, मुर्दा कल्याण समिति के सहयोग से अंतिम संस्कार किया गया.
घटना को लेकर बड़ा बाजार टीओपी में मामला दर्ज हुआ है. यह मामला अन्नु पाठक की पुत्री कीर्ति पाठक के लिखित आवेदन पर दर्ज किया गया है. कांड संख्या 80-18, धारा 302, 201 के तहत महिला के पति विनोद पाठक को मुख्य आरोपी बनाया गया है.
गौरतलब है कि जयप्रभा नगर में किराये के मकान में सीएमपीडीआइ में कार्यरत विनोद पाठक परिवार के साथ रहता था. 29 जनवरी को विनोद ने अपनी गला काट कर पत्नी मंजू पाठक की हत्या कर दी थी और शव को पलंग में छुपा दिया था.
पांच साल से थी दोनों में पहचान: महिला इंस्पेक्टर मंजू ठाकुर और सीएमपीडीआइ के बड़ा बाबू विनोद पाठक के बीच पिछले पांच वर्षों से जान-पहचान थी. भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के दोनों सदस्य थे. वर्ष 2013 में विनोद और मंजू ठाकुर राजस्थान के जोधपुर साथ में गये थे. शहर के मटवारी में पतंजलि की दुकान दोनों की पार्टनरशिप में है. दोनों के बीच बेहतर रिश्ते थे.
रांची में कमरे में बंद कर देते थे पापा: कीर्ति पाठक ने पुलिस को बताया कि महिला इंस्पेक्टर मंजू ठाकुर का रांची में फ्लैट है. वहां उसके पापा और मंजू ठाकुर जाकर हमेशा रहते थे. जब हमलोग फ्लैट में जाते थे, तो हमलोगों को एक कमरे में बंद कर दिया जाता था. कीर्ति ने यह भी जानकारी दी कि हत्या के बाद से मां का दोनों मोबाइल बंद है. मोबाइल कहां है, कुछ पता नहीं है.
पुत्री ने मंजू ठाकुर पर लगाया आरोप
बुधवार को दिन के लगभग 12 बजे बड़ा बाजार टीओपी में मृतका अन्नु पाठक के भाई बमबम झा, मां व दोनों पुत्रियां कीर्ति पाठक व वाणी पाठक पहुंचे. सदर विधायक मनीष जायसवाल की पत्नी निशा जायसवाल भी दोनों बच्चियों को न्याय दिलाने के लिए थाना पहुंची थीं.
इसी बीच दोनों पुत्रियों की नजर थाना में उपस्थित इंस्पेक्टर मंजू ठाकुर पर पड़ी. कीर्ति पाठक ने डीएसपी चंदन वत्स, थानेदार नथुनी प्रसाद यादव के समक्ष कहा कि इसी महिला के कारण मेरे पापा ने मम्मी की हत्या की. थाना परिसर में मृतका की दोनों पुत्रियों व महिला इंस्पेक्टर मंजू ठाकुर के बीच तू-तू मैं-मैं भी हुई.
मंजू ने दिया बयान
मंजू ठाकुर ने पुलिस को दिये गये बयान में कहाहै कि वह और विनोद पाठक 2013 में जोधपुर घुमने गये थे. दोनों भारत स्वभिमान ट्रस्ट से जुड़े हुए हैं. मंजू के अनुसार लगाया गया आरोप बेबुनियाद है. यह पति-पत्नी का आपसी मामला है. इससे उनका कोई लेना-देना नहीं है.
विनोद पाठक की गिरफ्तारी के बाद मामले का पूरा खुलासा हो पायेगा. महिला पुलिस इंस्पेक्टर मंजू ठाकुर से भी पूछताछ हुई है. घटना में उसकी संलिप्तता के बारे में फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता है.
अनूप बिरथरे, एसपी
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