आधुनिक भारत के नवनिर्माण में शिक्षा की भूमिका पर सेमिनार, बोले कुलपति, मानव पूंजी से देश का विकास संभव

Published at :16 Oct 2017 12:35 PM (IST)
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आधुनिक भारत के नवनिर्माण में शिक्षा की भूमिका पर सेमिनार, बोले कुलपति, मानव पूंजी से देश का विकास संभव

हजारीबाग: आधुनिक भारत के नवनिर्माण में शिक्षा की भूमिका पर राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन रविवार को गौतम बुद्ध बीएड कॉलेज, मुकुंदगंज में हुआ. कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कुलपति प्रो रमेश शरण ने कहा कि मानव पूंजी से देश का विकास होगा. शिक्षा और स्वास्थ्य दो पहलू हैं. छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की आवश्यकता है. […]

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हजारीबाग: आधुनिक भारत के नवनिर्माण में शिक्षा की भूमिका पर राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन रविवार को गौतम बुद्ध बीएड कॉलेज, मुकुंदगंज में हुआ. कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कुलपति प्रो रमेश शरण ने कहा कि मानव पूंजी से देश का विकास होगा.


शिक्षा और स्वास्थ्य दो पहलू हैं. छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की आवश्यकता है. शिक्षा का भरपूर उपयोग करें. शिक्षा आज विनियोग के रूप में स्वीकार की जा रही है. कुलसचिव डॉ बंशीधर रूखैयार ने कहा कि देश में एक शिक्षा प्रणाली होनी चाहिए. प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा गुणवत्तापूर्ण हो. मानव विज्ञान के विभागाध्यक्ष डॉ गंगानाथ झा ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा चरित्र निर्माण करता है. सभी विद्यार्थी पुस्तकालय से जुड़ें. सेमिनार के संयोजक प्रो बीके झा ने कहा कि शिक्षा की भूमिका के कई आयाम हैं.

इसमें चरित्र निर्माण, ईमानदारी, उत्तरदायित्व है. शिक्षाविद जयगोविंद मिश्र ने कहा कि शिक्षा के बिना आधुनिक भारत का निर्माण बेमानी है. प्रो राधेश्याम अंबष्ठ ने कहा कि शिक्षा और विकास एक सिक्के के दो पहलू हैं. यहां प्रो शिवदयाल सिंह, वसुंधरा कुमारी, डॉ शशिकांत यादव ने विचार रखे.

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