बंगाल में 12.9 लाख वोटरों की धड़कन तेज, वोट डालेंगे या नहीं आज आयेगी अंतिम लिस्ट

Published by :Ashish Jha
Published at :27 Apr 2026 1:16 PM (IST)
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बंगाल में 12.9 लाख वोटरों की धड़कन तेज, वोट डालेंगे या नहीं आज आयेगी अंतिम लिस्ट

वोटर लिस्ट

Bengal Election: 142 विधानसभा क्षेत्रों में फैले पश्चिम बंगाल के सात जिलों में न्यायिक प्रक्रिया के दौरान 12.9 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं. एसआईआर ट्रिब्यूनल से पास नामों की लिस्ट आने के बाद अंतिम तौर पर यह पता चलेगा कि कितने लोगों का नाम वोटर लिस्ट में शामिल किया गया है.

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Bengal Election: कोलकाता : पश्चिम बंगाल में बुधवार को होने वाले दूसरे चरण के मतदान से पहले करीब 12.9 लाख डिलीट किए गए वोटरों की किस्मत का फैसला सोमवार को होगा. इन वोटरों को पता चलेगा कि उनके नाम फिर से वोटर लिस्ट में जोड़े गए हैं या नहीं. चुनाव आयोग के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के अनुसार, जो नाम एसआईआर ट्रिब्यूनल से क्लियर हो जाएंगे, उन्हें मतदान से 48 घंटे पहले सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट में शामिल कर लिया जाएगा.

पहले चरण में ट्रिब्यूनल ने जोड़े केवल 139 नाम

पश्चिम बंगाल में विधानसभा के पहले चरण में भी बड़ी संख्या में नाम हटाए गए थे, लेकिन ट्रिब्यूनल ने केवल 139 मतदाताओं को ही दोबारा शामिल किया, जबकि आठ को बाहर कर दिया गया. इससे प्रभावित लोगों में निराशा और चिंता बढ़ गई है. लोगों को उम्मीद है इस चरण में अधिक समय मिलने के कारण संख्या बढ़ सकती है. हालांकि लोगों को कहना है कि फिलहाल इंतजार के अलावा कोई विकल्प नहीं है.

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वोटर लिस्ट का डिटेल

  • कोलकाता : 67,632 नाम खारिज
  • कोलकाता पोर्ट : 13,395 नाम खारिज
  • चौरंगी : 10,424 नाम खारिज
  • उत्तर 24 परगना: 3.3 लाख नाम खारिज
  • दक्षिण 24 परगना: 2.2 लाख नाम खारिज
  • पूर्व बर्धमान : 2.09 लाख नाम खारिज
  • नदिया : 2.08 लाखनाम खारिज

मेटियाब्रुज में सबसे अधिक कटे नाम

विधानसभा क्षेत्रों की बात करें तो दक्षिण 24 परगना का मेटियाब्रुज सबसे आगे है, जहां 39,579 मतदाताओं के नाम हटाए गए. इसके अलावा राजारहाट-न्यू टाउन में 24,132, राणाघाट नॉर्थ ईस्ट में 20,796, गायघाटा में 19,638 और राणाघाट साउथ में 17,411 नाम डिलीट किए गए हैं. यह आंकड़े चुनावी प्रक्रिया पर बड़े असर की ओर इशारा करते हैं. एंटली के शमीम अख्तर ने कहा कि कम क्लियरेंस रेट को देखते हुए उन्हें ज्यादा उम्मीद नहीं है. वहीं, पूर्व बर्धमान की नर्स रेणु खातून ने कहा कि उन्हें अपने वोटिंग अधिकार वापस मिलने को लेकर चिंता है.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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