गुमला के नवरत्नगढ़ में खुदाई में मिला 355 साल पुराना शिव मंदिर
खुदाई में नक्काशीदार पत्थर मिला है, जो सुंदर दिखता है. वहीं शिव मंदिर के अंदर जाने के लिए पत्थर से बना मात्र डेढ़ फीट चौड़ा व चार फीट ऊंचा दरवाजा मिला है. बता दें कि पुरातत्व विभाग द्वारा नवरत्नगढ़ की खुदाई की जा रही है.
दुर्जय पासवान, गुमला : गुमला से 32 किलोमीटर दूर सिसई प्रखंड के नगर गांव स्थित ऐतिहासिक धरोहर नवरत्नगढ़ की खुदाई से 355 साल पुराना शिव मंदिर व मठ मिला है. शिव मंदिर के बीच में प्राचीन शिवलिंग मिला है, जिसकी बनावट अद्भुत है. इस प्राचीन मंदिर को बनाने में सिर्फ पत्थरों का उपयोग किया गया है. सुभद्रा व बलभद्र मंदिर के समीप देवी-देवताओं का वासस्थल भी खुदाई में मिला है. जिसे लोग रास्ता समझ कर हर दिन आना-जाना करते थे. उस रास्ते की खुदाई से कई प्राचीन भवन व नक्काशीदार पत्थर मिले हैं.
दो खुफिया दरवाजे भी दिखे हैं, जिसकी खुदाई अभी बाकी है. बताया जा रहा है कि दरवाजे की खुदाई से और मंदिर मिलने की संभावना है या फिर मंदिर के अंदर कोई प्राचीन खुफिया कमरा हो सकता है. खुदाई में नक्काशीदार पत्थर मिला है, जो सुंदर दिखता है. वहीं शिव मंदिर के अंदर जाने के लिए पत्थर से बना मात्र डेढ़ फीट चौड़ा व चार फीट ऊंचा दरवाजा मिला है. बता दें कि पुरातत्व विभाग द्वारा नवरत्नगढ़ की खुदाई की जा रही है. एक साल पहले भी यहां हुई खुदाई में राजा रानी का खुफिया भवन मिला था.
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नगर गांव निवासी समाजसेवी दामोदर सिंह ने बताया कि नागवंशी राजाओं ने नवरत्नगढ़ की स्थापना की थी. परंतु, कलांतार में जब नागवंशी राजा नवरत्नगढ़ से अपनी राजधानी पालकोट ले गये, तो नवरत्नगढ़ की प्राचीन धरोहर जमींदोज हो गयी थी. इसके बाद नवरत्नगढ़ को वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल किया गया और पुरातत्व विभाग ने इसकी खुदाई शुरू की. खुदाई से मुगल साम्राज्य व नागवंशी राजाओं के काल के रहस्य से पर्दा उठ रहा है.
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