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बसिया में मां की मौत और पिता जेल में, पोती के दूध के लिए दादी के पास नहीं है पैसे

Updated at : 08 Sep 2020 6:19 PM (IST)
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बसिया में मां की मौत और पिता जेल में, पोती के दूध के लिए दादी के पास नहीं है पैसे

Jharkhand news, Gumla news : गुमला जिला अंतर्गत बसिया प्रखंड में मां की मौत और पिता के जेल जाने के बाद 6 माह की मासूम रचना कुमारी दूध के लिए मोहताज है. उसकी वृद्ध दादी के पास पैसे नहीं हैं, जिससे वह दूध खरीदकर अपनी पोती को पीला सके. 70 वर्षीय वृद्ध दादी पार्वती देवी किसी प्रकार अपनी पोती की देखभाल कर रही है. लेकिन, रचना की उम्र कम होने के कारण दादी को अपनी पोती की परवरिश में दिक्कत आ रही है. पोती के रोने से दादी भी रो पड़ती है.

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Jharkhand news, Gumla news : गुमला : गुमला जिला अंतर्गत बसिया प्रखंड में मां की मौत और पिता के जेल जाने के बाद 6 माह की मासूम रचना कुमारी दूध के लिए मोहताज है. उसकी वृद्ध दादी के पास पैसे नहीं हैं, जिससे वह दूध खरीदकर अपनी पोती को पीला सके. 70 वर्षीय वृद्ध दादी पार्वती देवी किसी प्रकार अपनी पोती की देखभाल कर रही है. लेकिन, रचना की उम्र कम होने के कारण दादी को अपनी पोती की परवरिश में दिक्कत आ रही है. पोती के रोने से दादी भी रो पड़ती है.

जानकारी के अनुसार, प्रखंड के सोनमेर हैयाटोली गांव में 18 जुलाई, 2020 को हरिश्चंद्र साहू की 23 वर्षीय पत्नी रेखा देवी ने अपने ही घर में साड़ी के फंदे में लटक कर आत्महत्या कर ली थीं. रेखा की आत्महत्या के बाद रेखा के मायके वालों ने पति हरिश्चंद्र साहू पर रेखा की हत्या का आरोप लगाते हुए बसिया थाना में केस दर्ज कराया था. जिसके बाद 31 अगस्त, 2020 को पुलिस हरिश्चंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.

Also Read: राजगंज में पति की हत्या मामले में पत्नी गयी जेल, पिता के बिना बेसहारा बच्चों को रखने से परिजनों ने किया इनकार

वहीं, मां की मौत और पिता के जेल जाने के बाद 6 माह की बच्ची रचना की परवरिश की जिम्मेदारी 70 वर्षीय दादी पार्वती देवी पर आ गयी है. पार्वती ने बताया कि अब घर में कमाने वाला कोई नहीं है. मेरे 2 बेटों में एक हरिश्चंद्र और दूसरा 18 वर्षीय राहुल हैं. राहुल की दिमागी हालत ठीक नहीं है. महीने में राशन दुकान से 18 किलो राशन मिलता है. उसी से किसी तरह परिवार का पेट भरता है.

उन्होंने बताया कि रचना अभी दूध के अलावा कुछ भी नहीं खाती है. घर में काम करने वाला कोई नहीं है. जिसके कारण दूध के लिए पैसे भी नहीं मिलते. उन्होंने बताया कि मैं पहले कुछ मजदूरी कर पाती थी. लेकिन, अब इस छोटी बच्ची को छोड़ कर मैं कैसे मजदूरी करूं. उसने बताया कि हरिश्चंद्र मजदूरी कर किसी तरह परिवार चलाता था. उसकी शादी डेढ़ साल पहले लाल भीठा भंडरा निवासी रेखा के साथ हुई थीं. वहीं, 18 जुलाई को मायके जाने को लेकर पति- पत्नी में विवाद के बाद रेखा ने आत्महत्या कर ली थीं.

Posted By : Samir Ranjan.

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