गुमला: कुत्ते के काटने के बाद अस्पताल नहीं, झाड़-फूंक के भरोसे रहा युवक, हालत बिगड़ने पर रिम्स रेफर
Published by : Priya Gupta Updated At : 22 May 2026 10:19 AM
अस्पताल में युवक के पास परिजन
Gumla News: गुमला में कुत्ते के काटने के बाद झाड़-फूंक के भरोसे रहे युवक में रेबीज के गंभीर लक्षण दिखने लगे. हालत बिगड़ने पर उसे गुमला सदर अस्पताल से रांची रिम्स रेफर किया गया. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.
दुर्जय पासवान की रिपोर्ट
Gumla News: झारखंड के गुमला जिले में अंधविश्वास और लापरवाही किस तरह जिंदगी पर भारी पड़ सकती है. इसका उदाहरण चैनपुर थाना क्षेत्र से सामने आया है. कुत्ते के काटने के बाद अस्पताल में इलाज कराने के बजाय झाड़-फूंक और जड़ी-बूटी के भरोसे रहे एक युवक की हालत इतनी बिगड़ गई कि उसमें रेबीज के खतरनाक लक्षण दिखाई देने लगे. युवक लोगों को देखकर भौंकने लगा. काटने दौड़ने लगा और पानी देखते ही घबराने लगा. मामला चैनपुर प्रखंड के बरवे नगर मुंडाटोली निवासी 27 वर्षीय गुलशन लोहार का है. बताया गया कि बीते 16 मई को वह अपने मालिक विकास कुमार के साथ जारी थाना क्षेत्र के भिखमपुर गांव मजदूरी करने गया था. वहां अनाज की बोरियां वाहन में लोड करने के दौरान एक कुत्ते ने उसके हाथ में काट लिया.
झाड़-फूंक के भरोसे बिगड़ती चली गई हालत
घटना के बाद परिजनों ने उसे अस्पताल ले जाकर एंटी रेबीज इंजेक्शन दिलाने के बजाय गांव में ही झाड़-फूंक और देसी इलाज शुरू करा दिया. इसी बीच गुलशन शराब का सेवन भी करता रहा. धीरे-धीरे उसकी तबीयत बिगड़ती चली गई. 20 मई को उसकी स्थिति भयावह हो गई. परिजनों के अनुसार युवक अचानक आक्रमक हो गया. वह लोगों को देखकर भौंकने लगा. गुस्से में काटने की कोशिश करने लगा और पानी देखते ही डरकर चीखने लगता था. हालात ऐसे हो गए कि परिवार वालों को उसके हाथ-पैर रस्सी से बांधने पड़े.
रेबीज के लक्षण मिलने पर रिम्स रेफर
गंभीर हालत में बुधवार रात यानी 20 मई को उसे गुमला सदर अस्पताल लाया गया. जांच के दौरान डॉक्टरों ने युवक में रेबीज संक्रमण से जुड़े “हाइड्रोफोबिया” जैसे गंभीर लक्षण पाए. प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने तत्काल उसे रांची रिम्स रेफर कर दिया. डॉक्टरों ने बताया कि कुत्ते के काटने के बाद समय पर एंटी रेबीज वैक्सीन लेना बेहद जरूरी होता है. इलाज में देरी या लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है.
दो घंटे तक नहीं मिली एंबुलेंस
रिम्स रेफर होने के बाद भी स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली सामने आई. परिजन करीब दो घंटे तक 108 एंबुलेंस का इंतजार करते रहे, लेकिन वाहन नहीं पहुंचा. आखिरकार बुधवार रात करीब 10 बजे निजी वाहन की व्यवस्था कर युवक को रांची ले जाया गया. एंबुलेंस सेवा की अव्यवस्था को लेकर परिजनों में भारी नाराजगी देखी गई.
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By Priya Gupta
प्रिया गुप्ता डिजिटल मीडिया में कंटेंट राइटर हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में कार्यरत हैं. वह पिछले एक साल से कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में काम कर रही हैं. इससे पहले वह नेशनल प्रिंटर और लोकल चैनलों में काम कर चुकी हैं. अभी वह झारखंड की खबरों पर काम करती हैं और SEO के अनुसार कंटेंट लिखती हैं. प्रिया आसान और साफ भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाने में विश्वास रखती हैं. वह ट्रेंडिंग खबरों, झारखंड से जुड़े मुद्दों और लोगों से जुड़ी खबरों पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों को सही और भरोसेमंद जानकारी सरल शब्दों में मिले.
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