उड़ी में झारखंड के भी दो सपूत शहीद

Published at :20 Sep 2016 6:23 AM (IST)
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उड़ी में झारखंड के भी दो सपूत शहीद

खूंटी/गुमला : कश्मीर के उड़ी में सेना के 12 ब्रिगेड मुख्यालय पर हुए आतंकी हमले में झारखंड के भी दो जवान शहीद हुए हैं. शहीद जावरा मुंडा खूंटी के मुरहू थाना क्षेत्र के मेराल के रहनेवाले थे. जबकि शहीद नायमन कुजूर गुमला के चैनपुर प्रखंड के कुरुमगढ़ थाना क्षेत्र के उरु गांव के निवासी थे. […]

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खूंटी/गुमला : कश्मीर के उड़ी में सेना के 12 ब्रिगेड मुख्यालय पर हुए आतंकी हमले में झारखंड के भी दो जवान शहीद हुए हैं. शहीद जावरा मुंडा खूंटी के मुरहू थाना क्षेत्र के मेराल के रहनेवाले थे. जबकि शहीद नायमन कुजूर गुमला के चैनपुर प्रखंड के कुरुमगढ़ थाना क्षेत्र के उरु गांव के निवासी थे. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने शहीद के परिजनों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है़
जवानों के शहीद होने की सूचना मिलने पर गुमला व खूंटी के डीसी-एसपी उनके गांव पहुंचे व परिजनों से मिले. शाम 6.20 बजे शहीदों के पार्थिव शरीर को सेना के विमान से रांची लाया गया. एयरपोर्ट पर सेना के जवानों ने पार्थिव शरीर को सलामी दी. राज्यपाल द्रौपदी मुरमू ने भी श्रद्धांजलि दी. पार्थिव शरीर को नामकुम स्थित सेना की छावनी में रखा गया है. सुबह खूंटी व गुमला ले जाया जायेगा.
शहीद नायमन की पत्नी वीणा ने कहा
मन करता है कि गोली मार दूं आतंकियों को
नायमन कुजूर की पत्नी वीणा ने आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार के रुख पर नाराजगी जतायी. उन्होंने कहा : मैं चाहती हूं कि सरकार कोई ठोस कदम उठाये, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं का अंजाम देने की जुर्रत आतंकी नहीं कर सकें. रोते हुए ‌वीणा ने कहा, कुछ समझ में नहीं आ रहा कि क्या कहूं. मन करता है कि खुद जाऊं और उन आतंकियों को गोली मार दूं….
रांची में रहता है परिवार : शहीद नायमन कुजूर का परिवार रांची के कोकर स्थित खोरहाटोली में किराये के मकान में रहता है. उनके परिवार में मां सोशंती कुजूर, पत्नी वीणा कुजूर व दो वर्ष का इकलौता पुत्र है. पिता महानंद कुजूर उरु (गुमला) गांव में ही रहते हैं. नायमन चार भाइयों में सबसे छोटे थे. भाई नेम्हस कुजूर में सेना में जबकि जगदीश कुजूर झारखंड पुलिस में कार्यरत हैं.
शहीद जावरा की बेटी संध्या ने कहा
पापा की शहादत बेकार नहीं जानी चाहिए
जावरा मुंडा के शहीद होने की खबर परिजनों को सोमवार सुबह नौ बजे मिली. आर्मी हेडक्वार्टर से मोबाइल पर घटना की सूचना दी गयी़ खबर सुनते ही शहीद की पत्नी झिंगी देवी की तबीयत खराब हो गयी. तीनों बेटियां भी एक-दूसरे से लिपट कर रोने लगी. आठवीं में पढ़नेवाली बड़ी बेटी संध्या कहती है, पापा की शहादत बेकार नहीं जानी चाहिए. दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देना होगा.
छुट्टी िबता 16 अगस्त को गये थे ड्यूटी पर : शहीद जावरा मुंडा का परिवार खूंटी के मुरहू के मेराल गांव में रहता है. पिता गौर मुंडा की मौत हो चुकी है. गांव में भाई दाउद मुंडा के अलावा जावरा की पत्नी झिंगी देवी व तीन बेटियां हैं. इनमें संध्या (12), सुषमा (04) व शिल्पा (03) हैं. जावरा एक अगस्त को घर आये थे. 16 को वापस चले गये. जाते वक्त कहा था, बॉर्डर पर हालात अच्छे नहीं हैं.
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