दो गांव को गोद लेगा प्रशासन
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :19 Jan 2016 7:13 AM (IST)
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रायडीह : रायडीह प्रखंड के घोर नक्सल प्रभावित ऊपर खटंगा पंचायत के जामटोली व मसगांव को प्रशासन गोद लेगा. इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. गांव की भौगोलिक बनावट व यहां के ग्रामीणों की लगन देख कर प्रशासनिक महकमा काफी प्रभावित है. सोमवार को डीसी श्रवण साय, एसपी भीमसेन टुटी, डीएफओ एके सिंह, प्रशिक्षु […]
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रायडीह : रायडीह प्रखंड के घोर नक्सल प्रभावित ऊपर खटंगा पंचायत के जामटोली व मसगांव को प्रशासन गोद लेगा. इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. गांव की भौगोलिक बनावट व यहां के ग्रामीणों की लगन देख कर प्रशासनिक महकमा काफी प्रभावित है. सोमवार को डीसी श्रवण साय, एसपी भीमसेन टुटी, डीएफओ एके सिंह, प्रशिक्षु आइएएस कुलदीप चौधरी व डीपीओ अरुण कुमार सिंह गांव पहुंचे. गांव की बनावट व किसानों द्वारा किये जा रहे कामों को देखा.
अधिकारियों ने कहा
सही मार्गदर्शन व अगर रणनीति के तहत काम हो, तो यह क्षेत्र पूरे राज्य में मॉडल प्रस्तुत करेगा. पहले से गांव के लोग जल संरक्षण के लिए काम कर रहे हैं. पहाड़ के किनारे नाला बनाया गया है. जहां से पानी गिर कर ग्रामीणों द्वारा रैयती जमीन पर बनाये गये तालाब में जमा होता है.
ग्रामीणों ने बताया कि यहां वर्षा के पानी को संग्रह किया जाता है. इसके बाद सालों भर इस पानी से खेती की जाती है. वन विभाग भी इस क्षेत्र के विकास के लिए पहले से प्रयासरत है. वन विभाग के अधिकारी अक्सर ग्रामीणों का मार्गदर्शन करते रहे हैं.
ग्रामीणों से बैठक करेंगे : डीसी
डीसी ने कहा कि इस क्षेत्र के किसान जागरूक नहीं है. इस क्षेत्र में नदी व नाले बहुत हैं. पर किसानों द्वारा खेती नहीं की जाती है. वे सिर्फ एक बार धान की फसल लगाते हैं. अगर किसान चाहें तो जो नदी के किनारे की जमीन में साग सब्जी व गेहूं की खेती कर सकते हैं.
वन विभाग द्वारा गांव में कुसूम, सागवान, शाल के पौधे लगाये जायेंगे. बगल की रैयती जमीन पर किसानों को जागरूक कर आम की बागवानी व सोमिया लता लगवायी जायेगी. इसी तालाब से सिंचाई की व्यवस्था की जायेगी. क्षेत्र की जनता के साथ बैठक कर गांव को गोद लेने का निर्णय लिया जायेगा. ताकि कृषि आधारित मॉडल क्षेत्र बनाया जा सके.
एसपी ने खेती के गुर बताये
एसपी भीमसेन टुटी ने कहा कि छोटे-छोटे नदीनालों को अगर चेकडैम की जगह मिट्टी से बांधा जाये, तो सालों भर खेती हो सकती है. साथ ही बांध बनाने में ज्यादा खर्च नहीं आयेगा.
बांध से ज्यादा पानी भी रूकेगा. साथ ही क्षेत्र का जमीन एक तरफा ढालूदार है. अगर पानी को लिफ्ट इरिगेशन द्वारा उपरी क्षेत्र में चढ़ाया जाये, तो आराम से पटवन किया जा सकता है. मौके पर एएसपी पवन कुमार सिंह, बीपीओ अरूण सिंह, डीएफओ एके सिंह सहित कई कर्मी मौजूद थे.
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