पंचायत ::: विकास से कोसो दूर है खरकी पंचायत

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 14 Oct 2015 7:00 PM

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पंचायत ::: विकास से कोसो दूर है खरकी पंचायतफोटो- एलडीजीए-2 बिरहोर कॉलोनी में रहनेवाले लोग, एलडीजीए-3 बेकार पड़ा जलापूर्ति योजना, एलडीजीए-4 मुखिया चांदमनी उरांव, एलडीजीए-5 किस्को प्रखंड प्रमुख मुनीलाल उरांव, एलडीजीए-6 तीन वर्षो से अधूरा पड़ा है सुंदइर देवी का इंदिरा आवास. किस्को/ लोहरदगा. जिले के किस्को प्रखंड क्षेत्र के खरकी पंचायत के ग्रामीण निराश […]

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पंचायत ::: विकास से कोसो दूर है खरकी पंचायतफोटो- एलडीजीए-2 बिरहोर कॉलोनी में रहनेवाले लोग, एलडीजीए-3 बेकार पड़ा जलापूर्ति योजना, एलडीजीए-4 मुखिया चांदमनी उरांव, एलडीजीए-5 किस्को प्रखंड प्रमुख मुनीलाल उरांव, एलडीजीए-6 तीन वर्षो से अधूरा पड़ा है सुंदइर देवी का इंदिरा आवास. किस्को/ लोहरदगा. जिले के किस्को प्रखंड क्षेत्र के खरकी पंचायत के ग्रामीण निराश हैं. पंचायत चुनाव की घोषणा हो चुकी है, लेकिन यहां के लोगों में कोई खास उत्साह नहीं देखा जा रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि इसके पूर्व जब पंचायत चुनाव हुआ था तो उन लोगों ने बहुत सारे सपने देखे थे. सपने धरे के धरे रह गये. खरकी पंचायत की आबादी 5332 है. यहां के मुखिया चांदमनी उरांव हैं. चुनाव में दूसरे नंबर पर डटमा गांव निवासी जयश्री उरांव रही थी. इस पंचायत में बिजली, पानी, सड़क की समस्या है. सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों को नहीं मिला. पंचायत में कई इंदिरा आवास अधूरे पड़े हैं. शौचालय का निर्माण भी मुखिया की देखरेख में कराया गया, जो कि बिल्कुल ही घटिया है. इसमें न तो दरवाजा लगाया गया और न ही परदा लगा है. शौचालय के नाम पर ढांचा खड़ा कर सरकारी राशि की निकासी कर ली गयी. ग्रामीणों का कहना है कि मुखिया ने समस्याओं के निदान को लेकर कभी गंभीरता नहीं दिखायी. इस पंचायत में पेयजल स्वच्छता विभाग द्वारा ग्रामीण जलापूर्ति योजना बनायी गयी. इससे 60 घरों में जलापूर्ति की व्यवस्था करनी थी, लेकिन मुखिया की उदासीनता के कारण यह योजना भी इस पंचायत में असफल रही. घर वाले प्रतिमाह 60 रुपये का अंशदान करते थे, लेकिन इसका लाभ उन्हें नहीं मिल सका. मुखिया के घर में बगल में स्थित लगभग 25 लाख रुपये की लागतवाली यह योजना आज बेकार पड़ी है. इसी पंचायत में बिरहोर कॉलोनी भी है. 1998 से इस कॉलोनी में 22 बिरहोर परिवार रहते हैं, लेकिन इनकी दशा बिल्कुल ही दयनीय है. पंचायत के द्वारा इनके जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए भी कोई प्रयास नहीं किया गया. गांव के गुलाम बिरहोर का कहना है कि उन्हें सरकार के द्वारा पहले कुछ सुविधाएं तो दी जाती थी, लेकिन पंचायत के द्वारा उनके कल्याण के लिए या उनके कॉलोनी के विकास के लिए कोई काम नहीं किया गया. किस्को प्रखंड के प्रमुख मुनीलाल उरां, इसी पंचायत के निवासी हैं.नहीं बना इंदिरा आवाससेमरडीह निवासी विधवा सुंदइर देवी का इंदिरा आवास अधूरा रह गया. इनके इंदिरा आवास को पूरा कराने में किसी ने रुचि नहीं ली. उसने हर जगह फरियाद की, लेकिन तीन वर्षो में भी उनका इंदिरा आवास पूरा नहीं हुआ. निराश सुंदइर देवी कहती है कि काश उसके पति राम लोहरा जीवित होते तो उनका इंदिरा आवास पूरा हो गया होता. पंचायत में स्वच्छता की घोर कमी नजर आती है. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा चापानल मरम्मत, शौचालय निर्माण सहित अन्य कार्यों के लिए लाखों रुपये मुखिया के खाते में दिया गय. धरातल पर कोई काम नजर नहीं आता है.

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