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गुमला : हादसों से थम रही सांसे, काली सड़कें हो रही है ‘खून से लाल’, साढ़े पांच महीने में 79 लोगों की मौत

Updated at : 29 Jun 2019 8:30 PM (IST)
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गुमला : हादसों से थम रही सांसे, काली सड़कें हो रही है ‘खून से लाल’, साढ़े पांच महीने में 79 लोगों की मौत

दुर्जय पासवान, गुमला गुमला जिले में सड़क हादसे थमने का नाम नहीं ले रही हैं. आये दिन हो रहे हादसों से गुमला की काली सड़क खून से लाल हो रही है. हर सप्ताह दो तीन ऐसी घटना घट रही है, जिसमें लोगों की मौत हो रही है. प्रशासन बोल रहा है. गाड़ी धीरे चलाएं. हेलमेट […]

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दुर्जय पासवान, गुमला

गुमला जिले में सड़क हादसे थमने का नाम नहीं ले रही हैं. आये दिन हो रहे हादसों से गुमला की काली सड़क खून से लाल हो रही है. हर सप्ताह दो तीन ऐसी घटना घट रही है, जिसमें लोगों की मौत हो रही है. प्रशासन बोल रहा है. गाड़ी धीरे चलाएं. हेलमेट पहनें. सीट बेल्ट लगाएं. लेकिन प्रशासन की चिल्लाहट गाड़ियों की तेज आवाज में गुम हो जा रही हैं और हादसे हो रहे हैं. कई लोगों ने प्रशासन की बात नहीं मानी. नतीजा सामने है. छोटी से गलती व चूक के कारण लोग अपनी जान गंवा रहे हैं.

मौत के बाद घरों में मातम व परिवार को जीवन भर का दुख मिल रहा है. गुमला में कई सड़क हादसे यातायात नियम का पालन नहीं करने से हो रहे हैं. परिवहन विभाग की रिपोर्ट व अखबार में छपी खबर का आंकड़ा देंखे, तो गुमला जिले के 12 प्रखंडों में स्थित 15 थाना क्षेत्रों में वर्ष 2019 में जनवरी से लेकर 15 जून तक 86 सड़क हादसे हुए हैं. जिसमें 79 लोगों की मौत हो चुकी है और 47 लोग घायल हुए हैं.

वहीं वर्ष 2018 में 241 सड़क हादसे हुए थे. जिसमें 212 लोगों की मौत हुई थी. जबकि 153 लोग घायल हुए थे. पिछले वर्ष 2017 की रिपोर्ट पर गौर करें तो जिले में 236 सड़क हादसे हुए थे. जिसमें 140 लोगों की जान गयी थी. वर्ष 2017 की अपेक्षा वर्ष 2018 में सड़क हादसे में दो प्रतिशत की वृद्धि हुई है. जबकि सड़क हादसे में मृत्यु दर में 30 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है.

वहीं, अबतक के रिपोर्ट के अनुसार 2019 में इन साढे पांच महीनों में 33 प्रतिशत सड़क हादसे में कमी आयी है. अधिकतर मामलों में पाया गया है कि लोग शराब का सेवन कर गाड़ी चला रहे थे. जिसके कारण सड़क दुर्घटना से लोगों की मौत हुई. दूसरा कारण यह है कि दोपहिया चलाने वाले लोग हेलमेट का प्रयोग नहीं कर रहे हैं. जिसकी वजह से सड़क हादसे में उन लोगों की जान गयी.

इसके अलावा कई मामलों में तेज गति व लापरवाही से गाड़ी चलाने के कारण लोगों की सड़क हादसे में मौत हुई है. हालांकि परिवहन विभाग के द्वारा सड़क हादसे रोकने के लिए सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा सेल का गठन कर ब्रेथ एलाइजर (शराब टेस्ट मशीन) द्वारा शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों की जांच की जा रही है.

समय-समय पर पुलिस के सहयोग से चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है. इसके अलावा डेंजर जोन में साईन बोर्ड लगाकर भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है. इसके बावजूद वाहन चालकों की लापरवाही से मौतें हो रही हैं.

बाइक पर करतब दिखाने की होड़ में युवक बन रहे मौत का निवाला

गुमला जिले में सबसे अधिक बाइक से दुर्घटना हो रही है. 70 से 75 प्रतिशत हादसे बाइक से हो रहे हैं. इसमें वैसे ही लोगों की जान जा रही है, जो हेलमेट नहीं पहन रहे हैं या फिर बेवजह तेज रफ्तार से गाड़ी चलाते हैं. गुमला में कई ऐसे युवक हैं, जो बाइक से करतब करते हैं. लगातार हादसे के बाद भी युवक नहीं सुधर रहे हैं. पुलिस शहर के एक छोर पर जांच करती है तो युवक दूसरे छोर से निकलकर भाग जाते हैं. गाड़ी की रफ्तार दिखाना अब युवकों का शौक बनता जा रहा है, जो मौत का कारण भी बन रहा है.

बिना लाइसेंस के स्कूली बच्चे चला रहे बाइक

कम उम्र के बच्चे बाइक चलाने से बाज नहीं आ रहे हैं. खासकर छात्र बाइक व स्कूटी से स्कूल आते-जाते हैं. कम उम्र के बच्चों को बिना लाइसेंस के किसी भी स्थिति में गाड़ी नहीं चलाना है. लेकिन गुमला में नियम कानून को ताक में रखकर बच्चे भी तेज गति से बाइक व स्कूटी चलाते नजर आते हैं. इतना होते हुए भी स्कूल के शिक्षक व अभिभावक बच्चों को सुरक्षा के संबंध में जागरूक नहीं कर रहे हैं.

हादसे में मौत के चार कारण

-: शराब पीकर गाड़ी चलाना.

-: बाइक चलाते समय हेलमेट नहीं पहनना.

-: अधिक तेज गति से गाड़ी चलाना.

-: लापरवाही से गाड़ी चलाना.

वर्ष 2017 की रिपोर्ट

सड़क हादसे हुए : 236

मौत की संख्या : 140

घायलों की संख्या : 176

वर्ष 2018 की रिपोर्ट

सड़क हादसे हुए : 241

मौत की संख्या : 212

घायलों की संख्या : 153

वर्ष 2019 की रिपोर्ट (15 जून तक)

सड़क हादसे हुए : 86

मौत की संख्या : 79

घायलों की संख्या : 47

क्‍या कहना है डीटीओ का

गुमला के डीटीओ मो. जमाले राजा ने कहा कि अधिकतर सड़क हादसे शराब पीकर गाड़ी चलाने से हुई है. विभाग द्वारा लगातार अभियान चलाकर लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है. इस अभियान में लोगों की भागीदारी जरूरी है. जिससे सड़क हादसे में कमी आयेगी.

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