बियर पीने के आरोप में नवोदय स्कूल के नौ छात्रों को पीटा, अर्द्धनग्न कर कमरे में बंद रखा, तीन महीने से निष्कासित

Updated at : 22 Jan 2019 8:11 PM (IST)
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बियर पीने के आरोप में नवोदय स्कूल के नौ छात्रों को पीटा, अर्द्धनग्न कर कमरे में बंद रखा, तीन महीने से निष्कासित

दुर्जय पासवान, गुमला घाघरा प्रखंड के जवाहर नवोदय स्कूल मसरिया के नौ छात्रों को स्कूल के प्राचार्य, शिक्षक व वार्डेन ने पीटा है. पिटाई के बाद बिना भोजन दिये एक कमरे में अर्द्धनग्न अवस्था में बंद कर दिया. इसके दूसरे दिन सभी छात्रों को स्कूल से निष्कासित कर दिया गया है. अब तीन महीने से […]

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दुर्जय पासवान, गुमला

घाघरा प्रखंड के जवाहर नवोदय स्कूल मसरिया के नौ छात्रों को स्कूल के प्राचार्य, शिक्षक व वार्डेन ने पीटा है. पिटाई के बाद बिना भोजन दिये एक कमरे में अर्द्धनग्न अवस्था में बंद कर दिया. इसके दूसरे दिन सभी छात्रों को स्कूल से निष्कासित कर दिया गया है. अब तीन महीने से छात्र घर पर हैं. इनकी पढ़ाई बाधित है. यह शिकायत स्कूल के छात्रों ने गुमला डीसी शशि रंजन से उनके कार्यालय में मिलकर की.

छात्रों ने प्राचार्य, शिक्षक व वार्डेन पर कई गंभीर आरोप भी लगाये हैं. यहां तक कि छात्रों ने हॉस्टल में मेन्यू के आधार पर भोजन नहीं मिलने, पोशाक नहीं मिलने, घटिया पोशाक की आपूर्ति सहित घटिया भोजन देने की शिकायत की है. छात्रों की शिकायत के बाद डीसी ने डीइओ से फोन पर बात की. डीसी से मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच करने का आदेश दिया है. साथ ही डीसी ने उनसे मिलने आये छात्रों को पढ़ाई करने की नसीहत दी है.

डीसी ने फोन कर अधिकारी को कहा है कि जब छात्रों को 15 दिन के लिए स्कूल से निष्कासित किया गया था, तो अब तक छात्रों को पुन: स्कूल में क्यों नहीं रखा गया. जबकि छात्रों को निष्कासित किये अब तीन महीने हो गये. डीसी ने इस मामले में डीइओ को जवाहर नवोदय स्कूल के एचएम से स्पष्टीकरण मांगने के लिए कहा है. साथ ही छात्रों को स्कूल में रखने के लिए कहा गया.

छात्रों ने डीसी को सौंपा ज्ञापन

छात्रों ने डीसी को दिये आवेदन में कहा है कि हम सभी आठ व नौ कक्षा में पढ़ते हैं. सभी गरीब, आदिवासी व दलित छात्र हैं. 15 अक्तूबर 2018 को बियर पीने के संदेह के आधार पर स्कूल के प्राचार्य, शिक्षक व वार्डेन ने सभी छात्रों की पिटाई की. लात मुक्का से मारने के अलावा डंडा से पीटा गया. इसके बाद सभी को एक कमरे में बंद कर दिया गया. कपड़ा भी पहनने नहीं दिया गया.

बिना कपड़े के ही कमरे में रखा. कमरे में रहने से उस समय सभी बच्चों की तबीयत खराब हो गयी थी. दिनभर खाना पीना भी नहीं दिया. उसी दिन तीन बजे सभी छात्रों को स्कूल से निकाल दिया गया. इनमें रोहित नायक, नितेश मुंडा, रविंद्र उरांव, एडम नायक, अनमोल किंडो, अनुज कंडुलना, प्रवीण कुमार, उत्तम लकड़ा, तपेश नायक है. इन छात्रों ने कहा है कि स्कूल से निष्कासित के बाद पढ़ाई बाधित हो रही है. यहां तक कि बच्चों के माता पिता स्कूल जाकर प्राचार्य से बात किये थे. लेकिन उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया था.

प्राचार्य का पक्ष

नवोदय स्कूल के प्राचार्य ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि 15 अक्तूबर को कुछ छात्रों को शराब पीकर बदमाशी करने के आरोप में निष्कासित किया गया है. इन छात्रों के खिलाफ स्कूल के ही 50 छात्रों ने शिकायत की थी. वहीं कुछ छात्रों को एक शिक्षक की गाड़ी का शीशा तोड़ने के आरोप में निष्कासित किया गया है. इन छात्रों को दोबारा स्कूल में रखने का निर्णय स्कूल अनुशासन समिति की बैठक में ही लिया जा सकता है.

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