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कर्ज लेकर खेती की, पुलिस खेत से धान उठा ले गयी, किसान के समक्ष भूखों मरने की स्थिति

Updated at : 28 Nov 2018 8:12 AM (IST)
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कर्ज लेकर खेती की, पुलिस खेत से धान उठा ले गयी, किसान के समक्ष भूखों मरने की स्थिति

गुमला : किसान ने कर्ज लेकर खेती की, लेकिन पुलिस खेत से धान उठा कर ले गयी. अब किसान के समक्ष भूखों मरने की स्थिति है. क्योंकि किसान ने घर की पूंजी खेतीबारी में लगा दी थी. किसान ने इसकी लिखित शिकायत उपायुक्त से की है. किसान ने शिकायत की है कि डीसी साहब, बिना […]

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गुमला : किसान ने कर्ज लेकर खेती की, लेकिन पुलिस खेत से धान उठा कर ले गयी. अब किसान के समक्ष भूखों मरने की स्थिति है. क्योंकि किसान ने घर की पूंजी खेतीबारी में लगा दी थी. किसान ने इसकी लिखित शिकायत उपायुक्त से की है. किसान ने शिकायत की है कि डीसी साहब, बिना नोटिस के पुलिस मेरे खेत से धान ले गयी. अब हम क्या खायेंगे, कैसे जीयेंगे.न्याय कीजिये.
मामला गुमला सदर प्रखंड अंतर्गत छोटा लोरो गांव का है. डीसी शशि रंजन ने इसे गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच का आदेश दिया है. साथ ही किसान द्वारा प्राप्त शिकायत पत्र को एसपी को प्रेषित कर दिया है. इस संबंध में किसान सनिया उरांव ने आवेदन में कहा है कि गुमला पुलिस बिना कोई नोटिस दिये मेरी रैयत खतियानी जमीन से धान जब्त कर ले गयी.
किसान ने जांच कर दोषी पुलिस पर कार्रवाई करने और अपने धान को वापस दिलाने की गुहार लगायी है. किसान सनिया उरांव मंगलवार को डीसी से मिलने अपनी वृद्ध पत्नी के साथ आया था. उसने डीसी को बताया कि वह गरीब किसान है. खेतीबारी के मौसम में कर्ज लेकर खेत में धान की फसल लगायी थी. इधर,फसल तैयार होने के बाद 25 नवंबर 2018 को उसके खेत में पुलिस की एक गाड़ी आकर रूकी और बिना नोटिस दिये ही खेत में लगे धान को जबरदस्ती जब्त कर अपने साथ ले गयी.
किसान ने बताया कि पुलिस को जब धान ले ही जाना था, तो पहले नोटिस देना था, परंतु किसी प्रकार का नोटिस दिये बिना ही धान ले गयी. मैं एक गरीब किसान हूं. कर्ज लेकर खेती की थी. कर्ज में डूबा हुआ हूं. अब तो मेहनत पर भी पानी फिर गया. अब खाने के भी लाले पड़ जायेंगे. ऐसी स्थिति में मेरे परिवार को भूखों मरना पड़ेगा, क्योंकि परिवार के लोग इसी फसल पर पूरे साल आश्रित रहते हैं.
साल भर क्या खायेंगे, इसकी चिंता सता रही है. इस संबंध में थाना प्रभारी राकेश कुमार से पक्ष लेने के लिए उनके सरकारी मोबाइल नंबर पर फोन किया गया, लेकिन थाना प्रभारी ने फोन रिसीव नहीं किया.
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