जहां प्रभारी सीएस के निर्देश पर बुखार से पीड़ित दर्जनों ग्रामीणों के रक्त की जांच मलेरिया कीट से की गयी. वहीं सभी ग्रामीणों का रक्त स्लाइड पर भी लिया गया.
मलेरिया कीट से मलेरिया नहीं निकलने पर बुखार से पीड़ित ग्रामीणों को वायरल फीवर की दवा का वितरण किया गया. वहीं कुछ लोगों को लंबे समय से खांसी से ग्रसित पाने पर प्रभारी सीएस ने उन्हें अविलंब बलगम की जांच कराने की बातें कहीं. प्रभारी सीएस ने कहा कि मलेरिया कीट से बुखार पीड़ित ग्रामीणों की जांच की गयी. हमलोगों ने स्लाइड पर रक्त लिया है. इसकी जांच अस्पताल के लैब में जाकर की जायेगी. अगर स्लाइड जांच में मलेरिया निकलता है, तो स्वास्थ्य विभाग पुन: गांव में आकर मलेरिया की दवा का भी वितरण करेगा.

