पालकोट. झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा पालकोट के तत्वावधान में शुक्रवार को पर्यटन स्थल गोबरसिल्ली चट्टान में सभा हुई. इसमें आंदोलनकारियों ने झारखंड आंदोलनकारियों को राजकीय मान-सम्मान व अलग पहचान देने, बाल-बच्चों के लिए रोजी-रोजगार नियोजन की 100 प्रतिशत गारंटी सुनिश्चित करने, आंदोलनकारियों के जेल जाने की बाध्यता समाप्त करते हुए सभी को सम्मान पेंशन राशि 50-50 हजार रुपये देने तथा समूह बीमा 15-15 लाख रुपये व 10-10 लाख रुपये की मेडिकल सुविधा का लाभ देने की मांग सरकार से की. मुख्य अतिथि मोर्चा के संस्थापक प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने कहा कि गणतंत्र दिवस के मूल्य व मर्यादाओं का ख्याल रखते हुए सरकार झारखंड आंदोलनकारियों को न्याय के साथ सम्मान दें व समाज में स्वाभिमान से जीने का अधिकार सुनिश्चित करें. विशिष्ट अतिथि दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल की अध्यक्ष रोजलीन तिर्की ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों व वीरों बलिदानियों की कर्म भूमि है. इसके बावजूद हम उपेक्षित हैं. सरकार भी झारखंड आंदोलनकारियों के प्रति संवेदनशील नहीं है. प्रभारी अंथन लकड़ा ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारी इस राज्य को बनाने वाले मजबूत स्तंभ हैं. उनको सरकार मान सम्मान, पहचान व पेंशन दे. जिला संयोजक अजीत विश्वकर्मा ने कहा कि झारखंड अलग राज्य के माय-माटी के मूल्यों व अधिकारों की रक्षा सरकार करें. केंद्रीय सचिव मोहम्मद अलीम ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों के सम्मान से ही पूरे राज्य का सम्मान है. संचालन भुनेश्वर राम, स्वागत भाषण हीरा प्रधान व धन्यवाद ज्ञापन किशोरी प्रसाद केसरी ने किया. कार्यक्रम में पीसी बड़ाइक, अमित बघवार, मांगा उरांव, भोलानाथ सिंह, जॉन केरकेट्टा, भुवनेश्वर राम, बसंत कुमार गुप्ता, किशोरी प्रसाद केसरी, हीरा प्रधान, बसंत सिंह, निमरोध एक्का, सूरज देवी, रतिया इंदवार, मुरलीधर होता, सफरुद्दीन हुसैन, अनुज साहू, बसंत गोप, फूलचंद सोरेंग, अल्बर्ट सोरेंग, तेतरू नगेसिया, गंदूरा सिंह, पूरन लोहरा, जोगेंद्र साहू, रंथू उरांव, मुकुट मिंज, धनेश्वर नगेसिया, जीतू मांझी, वीरेंद्र मुंडा, प्रफुल्ल मिंज, बासिल बरला, केशर सिंह, देवगम सोनी, अल्बर्ट केरकेट्टा, बितू नगेसिया, जाजी देवी, ग्रेस केरकेट्टा, अमेरिका सिंह, एग्नासुस बाड़ा, संतोष टेटे उपस्थित थे.
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