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महिलाओं को मिले आर्थिक आजादी, तभी बनेगी समानता की राह आसान

Updated at : 14 Oct 2025 10:30 PM (IST)
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महिलाओं को मिले आर्थिक आजादी, तभी बनेगी समानता की राह आसान

ठाकुरगंगटी के मंडरो में आयोजित संवाद में महिलाओं ने रखी बेबाक राय,

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ठाकुरगंगटी प्रखंड के मंडरो पंचायत में मंगलवार को एसएचजी की सक्रिय महिलाओं के बीच प्रभात खबर की ओर से महिला संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया. संवाद का विषय था-महिलाओं को मिले आर्थिक आजादी, तभी पुरुषों से कर पाएंगी बराबरी. कार्यक्रम की अध्यक्षता मनीषा कुमारी ने की. संवाद के दौरान उपस्थित महिलाओं ने अपने विचार बेबाकी से रखे. महिलाओं ने कहा कि जब तक आर्थिक रूप से महिलाएं सक्षम नहीं होंगी, तब तक वे पुरुषों के साथ बराबरी की बात नहीं कर सकतीं. सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं का लाभ महिलाओं तक पहुंचना चाहिए, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें. संवाद में यह भी चर्चा हुई कि गांव से लेकर प्रखंड और जिला स्तर की योजनाओं में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए. महिलाओं को योजना निर्माण और क्रियान्वयन की प्रक्रिया में शामिल कर ही विकास को गति दी जा सकती है. कार्यक्रम में महिलाओं ने सामाजिक बदलाव के लिए एकजुट होकर कार्य करने की बात कही और प्रभात खबर के इस पहल की सराहना की. कार्यक्रम का संचालन पवन कुमार सिंह ने किया.

महिलाओं ने रखी बात-

महिलाओं पर घर की पूरी जिम्मेदारी होती है. पुरुषों की तुलना में महिलाएं अधिक काम करती हैं. सरकार को चाहिए कि वह महिलाओं को आगे बढ़ाने में सहयोग करे, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें.

-मनीषा कुमारी

महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना समय की जरूरत है. आज भी उन्हें हर क्षेत्र में पीछे रखा जाता है, जो सोचने का विषय है. सरकार को इस मानसिकता को तोड़ने के लिए कदम उठाने होंगे.

-किरण देवी

महिलाओं के पास परिवार की चिंता होती है. वे पड़ोस की समस्याओं को भी गंभीरता से लेती हैं, जो उन्हें संवेदनशीलता जिम्मेदार बनाती है. यदि उन्हें दायित्व दिया जाये तो समाज निश्चित रूप से प्रगति करेगा.

-रिंकी देवी

समाज में महिलाएं सरकारी योजनाओं के संचालन से वंचित हैं. पुरुषों की घबराहट के कारण महिलाओं को हर बात सोच-समझकर करनी पड़ती है. ऐसे में सरकार को ध्यान देने की आवश्यकता है.

-विमला देवी

सरकार विकास की बात तो करती है लेकिन जमीन पर महिलाओं को नजरअंदाज किया जाता है. यदि महिलाएं योजनाओं को संचालित करें, तो गड़बड़ी कम होती है. उनमें भ्रष्टाचार की प्रवृत्ति नहीं होती.

-काजल देवी

महिलाओं को ऊपर उठाने के लिए पहले समाज की जड़ों पर काम करना होगा. जब तक उन्हें उत्तरदायित्व नहीं दिया जाएगा, तब तक सशक्तिकरण संभव नहीं. उपेक्षा ही पीछे रखने का बड़ा कारण है.

-बिजली देवी

महिला शक्ति को हर क्षेत्र में आगे लाया जा सकता है. उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाकर सशक्त किया जाये, तो समाज का बड़ा तबका लाभान्वित होगा और आर्थिक उन्नति की राह आसान होगी.

-प्रियंका देवी

सरकार महिलाओं के आर्थिक विकास को प्राथमिकता दे और जमीन पर ठोस पहल करे. आज भी महिलाएं हाशिए पर हैं. पुरुष मानसिकता के कारण उन्हें प्रगति के अवसरों से वंचित होना पड़ता है.

-मंजू देवी

महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए सिर्फ सरकार नहीं, समाज और परिवार का सहयोग भी जरूरी है. जब तक घर से सहयोग नहीं मिलेगा, तब तक महिला आत्मनिर्भर नहीं बन पाएगी.

-आरती देवी

महिला अपने मेहनत से आगे बढ़ रही है. वह परिवार को संभालते हुए अपने लक्ष्य पर भी कायम रहती है. यदि उसे पूरा सहयोग मिले, तो एक बड़ी आर्थिक क्रांति संभव हो सकती है.

-अंजली देवीB

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SANJEET KUMAR

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SANJEET KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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