ज्ञान व आध्यात्मिक उन्नति के लिए सत्संग जरूरी : राजनाथ जी महाराज

सत्संग करने से बुद्धि का होता है विकास
पथरगामा प्रखंड के सोनारचक पंचायत अंतर्गत तेतरीया टीकर गांव में आयोजित दो दिवसीय संतमत सत्संग के समापन में स्वामी राजनाथ महाराज ने कहा कि सत्संग से ईश्वर के स्वरूप का ज्ञान और आध्यात्मिक उन्नति की प्राप्ति होती है. कहा कि बुद्धि योग के माध्यम से ही संतमत सत्संग का ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि संतमत सत्संग से अच्छे, बुरे कार्यों के परिणाम की शिक्षा मिलती है. पुण्य कर्म, पाप कर्म के बीच के अंतर को भी आसानी पूर्वक समझा जा सकता है. कहा कि सत्संग करने से बुद्धि का विकास होता है. साथ ही बच्चे संस्कार सीखते हैं. कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में सत्संग में लीन रहना चाहिए, तभी मोक्ष की प्राप्ति हो सकती है. कहा कि दुराचारी भी अगर सत्संग में आकर सच्चे मन से संतों की बात सुने तो उसके व्यवहार और विचार बदल सकते हैं. मौके पर नन्दलाल मंडल के अलावा महिला पुरुष भक्त श्रद्धालु सत्संग के आयोजन में मौजूद थे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




