श्री नर्मदा नाथेश्वर शिव-पार्वती मंदिर से लाल-पीले परिधान में महिलाएं व कुंवारी कन्याएं माथे पर कलश लेकर निकली. इस दौरान भगवान भोलेनाथ व माता पार्वती के जयघोष से पूरे क्षेत्र का माहौल भक्तिमय हो गया. कलश यात्रा में शामिल पुरुष अपने हाथों में धार्मिक ध्वज लेकर चल रहे थे. कलश यात्रा बनियाडीह से निकलकर मुख्य मार्गों का भ्रमण करते हुए रेस्ट हाउस के समीप उत्तरवाहिनी नदी पहुंची. यहां पंडित कैलाश चंद्र मिश्र ने विधि-विधान व मंत्रोच्चार के साथ कलश में जल भरवाया. कलश मंदिर में स्थापित किया गया. मंदिर की स्थापना स्व. बुद्धिमान राय ने वर्ष 1961 में किया गया था. इसका जीर्णोद्धार उनके पुत्र अर्जुन राय व पुत्रवधू सपना राय ने करवाया है. जीर्णोद्धार के बाद मंदिर की खूबसूरती पूरे क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. अर्जुन राय ने बताया कि चार दिनों तक अनुष्ठान चलेगा. कलश यात्रा में मुख्य यजमान अर्जुन राय, सपना राय के अलावा नीरज देवी, लक्ष्मी देवी, चांदनी, पूजा, छोटू, सन्नी, आकाश, अमन, सचिन सहित काफी संख्या में श्रद्धालु शामिल थे.
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