अब मॉडर्न टेक्निक के इस्तेमाल से होगी मखाना की खेती, बढ़ेगी किसानों की आमदनी 

Updated at : 01 Jan 2026 6:45 PM (IST)
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Bihar Makhana Cultivation

Bihar News: देश का 85% मखाना उत्पादन करने वाला बिहार अब मॉडर्न खेती की ओर बढ़ रहा है. नेशनल मखाना बोर्ड और सरकारी योजनाओं से क्वालिटी सीड्स, बेहतर प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और बाजार व्यवस्था मजबूत होगी. इससे मखाना उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आमदनी में इजाफा होगा.

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Bihar Development News: बिहार देश में सबसे ज्यादा मखाना पैदा करता है. देश के करीब 85% मखाना का प्रोडक्शन अकेले बिहार में होता है. मखाना की खेती और इसके व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए राज्य और केंद्र सरकार लगातार काम कर रही है. इसी क्रम में हाल ही में दिल्ली में हुई नेशनल मखाना बोर्ड की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं.

इन विषयों पर हुई चर्चा  

बैठक में मखाना पर रिसर्च को बढ़ावा देने, उन्नत खेती और प्रोसेसिंग तकनीक विकसित करने, ग्रेडिंग, सुखाने, पॉपिंग और पैकेजिंग के लिए आधुनिक सुविधाएं तैयार करने पर जोर दिया गया. इसके साथ ही मखाना के वैल्यू एडीशन, ब्रांडिंग, बेहतर बाजार व्यवस्था और एक्सपोर्ट को मजबूत करने के फैसले भी लिए गए. माना जा रहा है कि इन कदमों से बिहार में मखाना की खेती अब एडवांस टेक्निक से होगी, जिससे उत्पादन और किसानों की आमदनी दोनों बढ़ेगी.

क्वालिटी सीड्स का होगा इस्तेमाल 

बिहार सरकार के प्रयासों से पिछले 12 सालों में मखाना की खेती का रकबा बढ़ा है और पैदावार भी बेहतर हुई है. साल 2019-20 में मखाना विकास योजना शुरू की गई थी. इसके तहत दरभंगा के मखाना अनुसंधान केंद्र द्वारा विकसित ‘स्वर्ण वैदेही’ और सबौर कृषि महाविद्यालय द्वारा विकसित ‘सबौर मखाना-1’ जैसे उन्नत बीजों को बढ़ावा दिया गया. साल 2025-26 के लिए भी मखाना अवयवों की योजना चलाई जा रही है, जिसमें किसानों को क्षेत्र विस्तार, उन्नत बीज उत्पादन और टूल्स किट पर अनुदान दिया जा रहा है.

बढ़ा राजस्व और खेती का रकबा

मखाना उत्पादन बढ़ने से किसानों की आय में अच्छा इजाफा हुआ है और उनका जीवन स्तर सुधरा है. इसका फायदा राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी के रूप में भी दिखा है. आंकड़ों के अनुसार साल 2005 से पहले मछली और मखाना जलकरों से राज्य को 3.83 करोड़ रुपये का राजस्व मिलता था, जो 2023-24 में बढ़कर 17.52 करोड़ रुपये हो गया है. यानी राजस्व में करीब साढ़े चार गुना वृद्धि हुई है. इसी तरह वर्ष 2012 तक बिहार में मखाना की खेती लगभग 13 हजार हेक्टेयर में होती थी, जो अब बढ़कर 35,224 हेक्टेयर तक पहुंच गई है.

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कृषि मंत्री ने क्या कहा ? 

बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि आधुनिक तकनीक के जरिए मखाना की खेती को नई ऊंचाई देने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं. केंद्रीय मखाना विकास योजना और मखाना बोर्ड के गठन से शोध, उन्नत बीज, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और बाजार व्यवस्था को मजबूती मिलेगी. राज्य सरकार मखाना किसानों को बेहतर बाजार और सही कीमत दिलाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है.

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Nishant Kumar

लेखक के बारे में

By Nishant Kumar

Nishant Kumar: निशांत कुमार पिछले तीन सालों से डिजिटल पत्रकारिता कर रहे हैं. दैनिक भास्कर के बाद राजस्थान पत्रिका के डिजिटल टीम का हिस्सा रहें. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के नेशनल-इंटेरनेशनल और स्पोर्ट्स टीम में काम कर रहे हैं. किस्सागोई हैं और देश-विदेश की कहानियों पर नजर रखते हैं. साहित्य पढ़ने-लिखने में रुचि है.

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