जमुआ प्रखंड में इस वर्ष मॉनसून आते ही पैक्स के माध्यम से किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर धान का बीज मिलना शुरू हो गया है. 42 पंचायतों वाले जमुआ के 12 पैक्सों में एनसीसीएफ, एचआइएलएचएसी व एनएनसी नामक धान कंपनी ने सवा 7301, राइज 6129, पीसीपीएच 24 जैसे ब्रांड के धान का बीज किसानों को नाममात्र बीज दिया जा रहा है. इससे किसानों में रोष है. सोमवार को प्रतापपुर फैक्स अध्यक्ष देवकी यादव व पैक्स प्रबंधक रामेश्वर यादव ने अपने पोषक क्षेत्र के सैकड़ों किसानों के बीच पांच-पांच किलो धान अनुदानित मूल्य पर वितरण किया. किसान नंदलाल महतो, संतोष वर्मा, अरुण वर्मा, लक्ष्मण महतो, विकास वर्मा, राजेंद्र वर्मा, मो मुस्तकीम अंसारी, मो मकबूल आलम आदि ने बताया कि पिछले कई वर्षों से हमलोग डीआरआरएच -2 व डीआरआरएच-3 नामक बीज का प्रयोग करते आ रहे थे. इससे उपज अच्छी होती थी. लेकिन इस बार यह बीच नहीं दी जा रही है. जिन चार कंपनियों के बीज दिये जा रहे हैं, वह काफी महंगे है. गरीब किसानों को अनुदानित दर पर भी इसे खरीदना मुश्किल है. किसान रोहित कुमार, मनोज राणा, अर्जुन महतो, बालेश्वर सिंह, अशोक सिंह आदि ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेश पर भी बीज देना, बड़ी समस्या है. कई किसानों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं होने के कारण उन्हें बीज मिल रहा है.
प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने कहा
कृषि पदाधिकारी आलोक कुमार गुप्ता ने कहा कि जमुआ के चुंगलों, धुरगड़गी, दुम्मा, प्रतापपुर, पोबी, धुरैता, चितरडीह, फतहा, नवडीहा, मलुवाटांड़, जियोटोल व लताकी पैक्स को धान का बीज उपलब्ध कराया गया है. कहा कि कृषक मित्र हड़ताल पर हैं. ब्लॉक स्थित कार्यालय में मक्का व अरहर का बीज आया है. क्लस्टर बनाकर किसानों को बीज दिया जा रहा है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

