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Crime News: 'पवन सिंह' ने की 60 लाख की ठगी, न्याय के लिए दर-दर भटक रही हैं 84 महिलाएं

Updated at : 31 Jan 2025 9:54 PM (IST)
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primitive tribe women

ठगी की शिकार आदिम जनजाति महिलाएं

Crime News: गिरिडीह में मंईयां सम्मान योजना और डोभा निर्माण के पैसे दिलाने के नाम पर आदिम जनजाति की 84 महिलाओं से 60 लाख रुपए की ठगी की गयी है. आरोपी पवन सिंह गांव का ही रहनेवाला है. वह दो माह से फरार है. ये मामला अडवारा गांव का है.

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Crime News: बगोदर (गिरिडीह)-आदिम जनजाति बहुल पंचायत अडवारा के अडवारा गांव की 84 महिलाओं को लोन दिलाकर फर्जी तरीके से उनके खाते से करीब 60 लाख रुपए निकाल लिए गए हैं. ठगी का आरोप गांव के ही पवन सिंह पर है. आरोपी दो माह से गांव से फरार है. महिलाओं ने शुक्रवार को बगोदर थाने में शिकायत कर पवन सिंह को गिरफ्तार करने और राशि वापस दिलाने की मांग की. लोन देने वाली भारत माइक्रो फाइनेंस कंपनी पैसा चुकता करने का दबाव महिलाओं पर बना रही है. इससे आदिम जनजाति की इन महिलाओं की जान सांसत में है.

घर-घर जाकर आरोपी ने ले लिए दस्तावेज


ठगी की शिकार कौशल्या देवी, तिरिया देवी, आशा देवी, हेमंती देवी, सुमन देवी, सोनिया देवी, तेजनी देवी, किरण देवी, बड़की देवी, सुमित्रा देवी, परवा देवी ने पुलिस को बताया कि पवन सिंह घर-घर आकर वोटर कार्ड, आधार कार्ड, जॉब कार्ड बनाने की बात कहकर दस्तावेज ले गया. उसने सत्यापन के नाम पर बॉयोमीट्रिक मशीन में अंगूठा लगवा लिया. बाद में उनलोगों को जानकारी हुई कि बगोदर में संचालित भारत माइक्रो फाइनेंस कंपनी से लोन की राशि स्वीकृति की गयी है. कौशल्या के नाम पर 27 हजार, तिरिया देवी के नाम पर एक लाख, आशा देवी के नाम पर 50 हजार, हेमंती देवी के नाम पर 95 हजार, सुमन देवी के नाम पर 85 हजार, सोनिया देवी के नाम पर 54 हजार, तेजनी देवी के नाम पर एक लाख पांच हजार, परवा देवी के नाम पर एक लाख 17 हजार रुपये स्वीकृत किए गए थे. ऐसी कुल 84 महिलाओं को लोन दिया गया है. महिलाओं का कहना है कि उनलोगों को लोन लेने और देने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गयी. लोन देने वाली फाइनेंस कंपनी के अधिकारी ने आरोपी पवन सिंह के बारे में किसी प्रकार की जानकारी होने से अनभिज्ञता जाहिर की है.

भुक्तभोगी महिलाओं को फाइनेंस कंपनी ने भेजा नोटिस


महिला समूह से जुड़ी पीड़ित महिलाओं ने बताया कि जब उनके खाते में लोन की राशि आ गयी, तो पवन सिंह पूछने आया कि डोभा निर्माण, मंईयां सम्मान योजना की राशि खाते में आयी है या नहीं. जानकारी लेकर उसने फिंगर प्रिंट के जरिये सभी महिलाओं के खाते में आयी लोन की राशि की निकासी कर ली. जब भारत माइक्रो फाइनेंस कंपनी के प्रतिनिधियों ने गांव पहुंचकर महिलाओं को लोन की किस्त भरने का दबाव बनाना शुरू किया, तो महिलाओं ने लोन नहीं लेने की बात कही. इसके बाद कंपनी ने नोटिस भेज दिया. महिलाओं ने कहा कि उन्हें धोखे में रखकर पवन सिंह ने लोन स्वीकृति कराया है. सरकारी योजना का लाभ मिलने का लालच देकर खाते से पैसे की निकासी भी कर ली. महिलाओं ने बताया कि पवन सिंह पहले सीएसपी चलाता था. वह पहले गांव में लोगों को विश्वास में लिया. इसके बाद धोखाखड़ी की.

बकाया के लिए भेजा जा रहा लीगल नोटिस


भारत माइक्रो फाइनेंस कंपनी के मैनेजर दीपक कुमार ने बताया कि अडवारा में 84 महिलाओं को दस्तावेज के आधार पर उनके खाते में लोन की राशि दी गयी. 10 खाताधारियों की किस्त चुकायी जा रही है. जिनका बकाया है, उन्हें लीगल नोटिस भेजा जा रहा है.

जांच कर रही पुलिस


बगोदर के प्रभारी थानेदार अंजन कुमार ने बताया कि 84 महिलाओं को लोन दिलाकर राशि ठगने की शिकायत मिली है. महिलाओं ने आवेदन दिया है. मामले की जांच चल रही है.

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Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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