बिरनी में हाथियों के आतंक से ग्रामीणों में आक्रोश, स्पेशल टीम बुलाने की मांग

Updated:
विज्ञापन
चानो में आयोजित आमसभा में ग्रामीणों को संबोधित करते सीताराम सिंह. | Prabhat Khabar Network

चानो में आयोजित आमसभा में ग्रामीणों को संबोधित करते सीताराम सिंह. | Prabhat Khabar Network

बिरनी में हाथियों के हमले से तीन लोगों की मौत और भारी नुकसान के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मुआवजे की मांग तेज।

विज्ञापन

बिरनी: बिरनी प्रखंड के अलग अलग क्षेत्रो में कई दिनों से हाथियों के झुंड ने आतंक मचा रखा है. बिरनी में इस वर्ष अब तक 3 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि एक महिला घायल हो चुकी है. किसानों की फसलों, चाहरदीवारी, घर व मकान तोड़कर लाखों रुपये की क्षति पहुंचायी गयी है, जिससे बिरनी के दर्जनों गांव के ग्रामीण आतंक के साये में जी रहे हैं.

साथ ही परिवार की जानमाल की रक्षा के लिए रात को पहरेदारी कर रहे हैं. ग्रामीणों का जागना सोना मुहाल हो गया है. वन विभाग के कर्मियों को सूचना देने के बाद भी समय पर कोई टीम नहीं पहुंचती है. इससे चानो के ग्रामीण काफी आक्रोशित हैं. वन विभाग के वरीय अधिकारी रेंजर व डीएफओ के खिलाफ उनमें काफी गुस्सा है.

इसे लेकर शनिवार को चानो गांव में ग्रामीण सह पूर्व प्रमुख सीताराम सिंह के नेतृत्व में ग्रामसभा का आयोजन किया गया. ग्रामसभा में सीताराम सिंह ने कहा कि हाथियों के झुंड के द्वारा लंबे समय से तांडव मचाने और जान माल का नुकसान करने के बाद भी वन विभाग के वरीय अधिकारियों ने अभी तक प्रभावित इलाके का दौरा नहीं किया है और न ही ग्रामीणों से संवाद कर राहत कार्य तथा बीच बचाव का सुझाव दे रहे हैं.

वन विभाग के साथ उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक के खिलाफ भी ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ रहा है. इसका मुख्य कारण है कि लगातार इलाके में घटित घटना पर यहां के उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक अभी तक वन विभाग के साथ संयुक्त बैठक कर कोई समस्या का हल नहीं निकाल पाए हैं. कहा कि अधिकारियों को चाहिए कि जिले के बाहर से स्पेशल टीम मंगाकर हाथियों को घने जंगल में ले जाएं.

इसमें न वन विभाग गंभीर है न ही प्रशासन की गंभीरता दिख रही है. ऐसी स्थिति में ग्रामीणों ने फैसला लिया है कि हाथियों के झुंड द्वारा अगर जानमाल की क्षति पहुंचाई गई तो वन विभाग समेत प्रशासन के कई कर्मी व अधिकारी ग्रामीणों के आक्रोश की चपेट में आयेंगें. इसके लिए ग्रामीणों को जेल भी जाना पड़े, तो वे तैयार हैं.

ग्रामीणों ने सरकार के साथ साथ वन विभाग से मांग की है कि तत्काल गांव में कैंप लगाकर किसानों के क्षति हुई फसलों का आकलन कर मुआवजा देने की गारंटी करें. वन विभाग के फॉरेस्टर, रेंजर व डीएफओ तत्काल क्षेत्र का दौरा कर ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करें.

जिले के बाहर से स्पेशल टीम मंगाकर हाथियों के झुंड को क्षेत्र से बाहर कर अविलंब घने जंगल में ले जाने की व्यवस्था करें. इधर वन विभाग के योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि अभी हमलोग डीएफओ के पास हैं. उन्हें क्षेत्र के बारे में अवगत कराया जा रहा है.


विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola