संपत्ति के लिए पुत्र व पोता ने की हत्या
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 27 Apr 2017 8:33 AM
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पोते की केहुनी के जख्म से मिला सुराग गिरिडीह/गांडेय. ताराटांड़ थाना इलाके के फुलची के रहनेवाले सेवानिवृत्त मलेरियाकर्मी नारायण महतो की हत्या उसके बेटे व पोते ने मिलकर की थी. इसका खुलासा बुधवार को एसडीपीओ मनीष टोप्पो ने पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता में किया. बताया कि इस हत्याकांड को अंजाम देने के पीछे […]
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पोते की केहुनी के जख्म से मिला सुराग
गिरिडीह/गांडेय. ताराटांड़ थाना इलाके के फुलची के रहनेवाले सेवानिवृत्त मलेरियाकर्मी नारायण महतो की हत्या उसके बेटे व पोते ने मिलकर की थी. इसका खुलासा बुधवार को एसडीपीओ मनीष टोप्पो ने पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता में किया. बताया कि इस हत्याकांड को अंजाम देने के पीछे संपत्ति विवाद कारण रहा है.
क्या है मामला : श्री टोप्पो ने बताया कि 13 वर्ष पूर्व नारायण महतो रिटायर हुए थे. बताया कि नारायण के पांच पुत्र हैं. रिटायर होने के बाद मिले पैसे का बंटवारा नारायण ने अपने चार बेटों के बीच किया, लेकिन बड़े बेटे अशोक को कुछ नहीं दिया. इस दौरान अशोक की बेटी को कैंसर हो गया.
बेटी के इलाज के लिए भी अशोक ने अपने पिता से मदद मांगी, लेकिन मदद नहीं मिली और बेटी की मौत हो गयी. अपने हिस्से के लिए अशोक ने अपने पिता के खिलाफ पंचायत भी करायी. पंचायत में अशोक को हिस्सा देने का निर्णय हुआ. इसके बावजूद नारायण ने अशोक को हिस्सा नहीं दिया. इन बातों से अशोक अपने पिता से नाराज चल रहा था.
नाराजगी एक दशक पुरानी थी और उसने बदला लेनी की ठानी. एसडीपीओ श्री टोप्पो ने बताया कि पिता से बदला लेने की योजना अशोक ने अपने 22 वर्षीय पुत्र पप्पू कुमार वर्मा के साथ मिलकर बनायी और 21 अप्रैल की शाम को नारायण की हत्या गला रेत कर कर दी.
कड़ाई से पूछताछ में उगला राज : एसडीपीओ ने बताया कि घटना को लेकर मृतक के दूसरे पुत्र बैजनाथ प्रसाद वर्मा ने हत्या का शक दूसरे व्यक्ति पर किया था. बैजनाथ इसे पुराना विवाद बता रहे थे. बैजनाथ के आवेदन पर ताराटांड़ थाना में कांड संख्या 19/17 धारा 302/34 अंकित किया गया. मामले की जांच की गयी और थाना प्रभारी मो फैज अहमद ने कई लोगों से पूछताछ की. अशोक व उसके पुत्र पप्पू से भी पूछताछ की जाने लगी.
पूछताछ के क्रम में पप्पू के बायें हाथ की केहुनी में चार-पांच दिन पुरान जख्म मिला. जख्म को लेकर पप्पू का जवाब संदिग्ध था. शक पर पप्पू से पूछताछ की गयी तो उसने हत्या की बात स्वीकार की. पप्पू ने बताया कि उसने अपने पिता अशोक महतो के साथ मिलकर दादा नारायण की हत्या गला रेत कर की. श्री टोप्पो ने बताया कि दोनों अभियुक्तों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हंसुआ को तालाब से खून का धब्बा लगा, अभियुक्तों का कपड़ा दोनों के घरों से बरामद किया. उन्होंने बताया कि दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है. स्पीडी ट्रायल के तहत अभियुक्तों को सजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी.
थानेदार को मिलेगा रिवार्ड : एसडीपीओ श्री टोप्पो ने कहा कि घटना की प्राथमिकी के तीन दिनों के अंदर इस कांड को उद्भेदन करनेवाले थाना प्रभारी मो फैज अहमद व उनकी टीम को पुरस्कृत किया जायेगा. इसके लिए प्रतिवेदन बनाकर रांची भेजा जायेगा. प्रेस वार्ता के दौरान थाना प्रभारी श्री अहमद व सअनि निरंजन सिंह भी मौजूद थे.
हत्या कर हंसुआ को तालाब में फेका
श्री टोप्पो ने बताया कि रिटायर होने के बाद मृतक नारायण खेती करने में जुट गया था. नारायण प्रत्येक दिन दोपहर का भोजन करने के बाद फसल का देखभाल करने व पटवन करने घर से थोड़ी ही दूरी पर स्थित अहाते में जाता था. अहाते में जाने के बाद कुआं से सिंचाई करने के लिए कुआं के पास बनाये सिढ़ीनुमा गड्ढे में टुल्लू पंप लगाता था और पटवन के बाद पंप को निकालता था. घटना के दिन भी बीते शुक्रवार को पटवन के बाद नारायण गड्ढे में गया और पंप को निकालने लगा. इसी दौरान मृतक का पुत्र अशोक महतो व पोता पप्पू कुमार वर्मा पहुंचे और नारायण को पकड़ कर धारदार हंसुआ से गरदन रेत दी. गरदन रेतने के बाद हंसुआ को तालाब में फेंक दिया.
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