अधूरे पड़े कार्यों पर अधिकारियों से सवाल

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 19 Jan 2016 8:34 AM

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गिरिडीह : झारखंड विधानसभा अल्पसंख्यक कल्याण समिति की टीम सोमवार को गिरिडीह पहुंची. टीम में शामिल सदस्य सह विधायक बादल पत्रलेख ने अधिकारियों के साथ नया परिसदन भवन में बैठक की. इस दाैरान अधूरे पड़े कार्यों पर समिति सख्त दिखी और संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब किया गया. बैठक में वर्ष 2012-13 से अब तक अधूरे […]

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गिरिडीह : झारखंड विधानसभा अल्पसंख्यक कल्याण समिति की टीम सोमवार को गिरिडीह पहुंची. टीम में शामिल सदस्य सह विधायक बादल पत्रलेख ने अधिकारियों के साथ नया परिसदन भवन में बैठक की. इस दाैरान अधूरे पड़े कार्यों पर समिति सख्त दिखी और संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब किया गया.
बैठक में वर्ष 2012-13 से अब तक अधूरे पड़े इंदिरा आवास की समीक्षा की गयी. पाया कि 9821 इंदिरा आवास निर्माण का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें पांच हजार आवास वर्ष 2014-15 व वर्ष 2015-16 के हैं. शेष 5237 इंदिरा आवास पूर्व वर्षों में आवंटित किये गये. उन्होंने अधिकारियों से एक सप्ताह में अपूर्ण इंदिरा आवास के संबंध में जवाब मांगा और कहा कि यह जवाब विधानसभा में प्रस्तुत करें. बैठक में गांडेय में निर्माणाधीन राजकीय महिला पॉलीटेकनिक कॉलेज व खरगडीहा स्थित अनुसूचित, जनजाति आवासीय विद्यालय के संबंध में उन्होंने अधिकारियों से पूछताछ की.
कहा कि गांडेय में बन रहे राजकीय महिला पॉलीटेक्निक कॉलेज का भवन पूरा नहीं करने के आरोप में संवेदक को काली सूची में डालने का निर्देश पूर्व में दिया गया था, लेकिन किस परिस्थिति में संवेदक को काली सूची में नहीं डाला गया और इसके जिम्मेवार कौन हैं, इसकी रिपोर्ट विधानसभा में प्रस्तुत करें, ताकि दोषियों पर कठोर कार्रवाई की अनुशंसा की जा सके. कहा कि 67 लाख 74 हजार 422 रुपये की लागत से गांडेय में राजकीय महिला पॉलीटेक्निक कॉलेज का निर्माण कराने का निर्णय सरकारी स्तर से लिया गया था. यह निर्माण 03.11.2009 में ही पूरा होना था, लेकिन अब तक महिला पॉलीटेक्निक कॉलेज भवन का अधूरा पड़ा है. समिति ने एक माह में जांच कर रिपोर्ट समर्पित करने का निर्देश अधिकारियों को दिया.
कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत 31 जनवरी तक काम पूरा करें, ताकि ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले 86 प्रतिशत लोगों को लाभ दिलाया जा सके. समिति ने कहा कि सरकार ने गिरिडीह जिले में तीन मेडिकल मोबाइल वैन उपलब्ध कराये हैं. इसमें सरकार को प्रति माह 1.80 लाख खर्च हो रहा है.
मोबाइल वेन में कौन चिकित्सक काम कर रहे हैं, उसकी रिपोर्ट विधानसभा के पास समर्पित करें. बैठक में डीडीसी वीरेंद्र भूषण, एसी एएस कच्छप, डीएसओ रामचंद्र पासवान, जिला कल्याण पदाधिकारी केके शर्मा, सिविल सर्जन डाॅ एस सन्याल, डीइओ निर्मला कुमारी बरेलिया, डीएसइ महमूद आलम समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे.
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