पांच प्रखंडों के बीडीओ से स्पष्टीकरण

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गिरिडीह : डीसी उमाशंकर सिंह ने सरकारी काम में लापरवाही बरतने एवं कर्तव्यहीनता के आरोप में जिले के पांच प्रखंडों के बीडीओ से स्पष्टीकरण मांगा है. डासी कार्यालय के सामाजिक सुरक्षा कोषांग द्वारा जारी स्पष्टीकरण पत्र में कहा गया है कि एनएसएपी एवं राज्य वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत पेंशनधारियों को अवशेष आधार सीडिंग त्रुटि […]

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गिरिडीह : डीसी उमाशंकर सिंह ने सरकारी काम में लापरवाही बरतने एवं कर्तव्यहीनता के आरोप में जिले के पांच प्रखंडों के बीडीओ से स्पष्टीकरण मांगा है. डासी कार्यालय के सामाजिक सुरक्षा कोषांग द्वारा जारी स्पष्टीकरण पत्र में कहा गया है कि एनएसएपी एवं राज्य वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत पेंशनधारियों को अवशेष आधार सीडिंग त्रुटि और सत्यापन त्रुटि की सूची पंचायत को निर्धारित समय पर उपलब्ध नहीं करायी गयी.
बताया जाता है कि 25 अगस्त तक पंचायतवार पेंशनधारियों का अवशेष आधार सिडिंग त्रुटि एवं सत्यापन त्रुटि सूची उपलब्ध कराने का आदेश जिले के सभी प्रखंडों के बीडीओ को दिया गया था. इसके लिए प्रत्येक प्रखंड को 25 हजार का चेक भी उपलब्ध कराया गया था. आरोप है कि लेकिन गिरिडीह, बेंगाबाद, बगोदर, बिरनी, धनवार एवं गावां के बीडीओ ने निर्देश की अनदेखी की.
बताया जाता है कि सामाजिक सुरक्षा के सहायक निदेशक ने भी फोन पर डाटा उपलब्ध कराने के लिए कई बार निर्देश दिया था. उपायुक्त ने पांचों प्रखंडों के बीडीओ की इस कार्यशैली पर खेद जताते हुए कहा है कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना गरीब, असहाय, वृद्ध, विधवा एवं विकलांगों के लिए सरकार द्वारा चलायी जा रही महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजनाएं हैं, लेकिन इस काम में भी संबंधित प्रखंडों के बीडीओ द्वारा रुचि नहीं लेना सरकारी कार्य के प्रति लापरवाही एवं कर्तव्यहीनता का द्योतक है. डीसी ने अपने आदेश में कहा है कि संतोषप्रद स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने की स्थिति में गोपनीय अभियुक्ति में भी मामले को उल्लेखित किया जायेगा. पत्र में निर्देश दिया गया है कि डाटा प्रविष्टि में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेवार संबंधित कर्मियों का वेतन भुगतान पर रोक लगाते हुए दो दिनों के अंदर स्पष्टीकरण देना संबंधित बीडीओ सुनिश्चित करेंगे.
बेलाटांड़ जंगल में शुक्रवार को मिली थी नवजात
बेंगाबाद : बेंगाबाद-गिरिडीह मुख्य मार्ग परखंडोली स्थित बेलाटांड़ जंगल में मिली नवजात को ममता की छांव मिल गयी. शुक्रवार को बच्ची को लावारिस पड़ा देख ग्रामीण जुट गये. गांव के सियाशरण बच्ची को अपने घर ले गये.
बाद में यहीं की रहने वाली कौशल्या देवी सियाशरण के पास पहुंची और बच्ची को अपनाने की बात कही. सियाशरण ने कौशल्या को बच्ची दे दी. इसके बाद शनिवार को दोनों बच्ची को लेकर सदर अस्पताल पहुंचे और उसकी स्वास्थ्य जांच करायी. इस दौरान बाल संरक्षण की सदस्य रेणु वर्मा भी सदर अस्पताल पहुंची और जानकारी ली.
सियाशरण ने बताया कि शुक्रवार की शाम को बेलाटांड़ जंगल की ओर महिलाएं गयी थीं. इसी दौरान झाड़ियों से बच्ची की रोने की आवाज सुनाई दी तो लोग जुट गये. बाल संरक्षण की रेणु वर्मा ने बताया कि बच्ची को कौशल्या नामक महिला ने अपने पास शरण दिया है. इस मामले में कौशल्या को सहयोग दिया जायेगा.
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