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कोर्ट के आदेश के बाद जिले के 2780 शिक्षकों की नौकरी पर संकट

Updated at : 13 Sep 2025 9:37 PM (IST)
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कोर्ट के आदेश के बाद जिले के 2780 शिक्षकों की नौकरी पर संकट

सुप्रीम कोर्ट का आदेश: प्राथमिक व मध्य विद्यालयों के शिक्षकों के लिए टेट पास करना अनिवार्य

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सुप्रीम कोर्ट का आदेश: प्राथमिक व मध्य विद्यालयों के शिक्षकों के लिए टेट पास करना अनिवार्य – जिले में 1500 सरकारी शिक्षक कार्यरत, 600 टेट पास नहीं – 3212 पारा शिक्षक दे रहें हैं सेवा, सिर्फ 1032 ने पास किया है टेट पीयूष तिवारी, गढ़वा सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब प्राथमिक और मध्य विद्यालयों के सभी शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) पास करना अनिवार्य हो गया है. इस फैसले से गढ़वा जिले के 2780 शिक्षकों की सेवा पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं. हालांकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद झारखंड सरकार की ओर से शिक्षा विभाग को अभी तक कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किया गया है. बता दें कि जिले में वर्तमान में लगभग 1500 सरकारी शिक्षक कार्यरत हैं, जिनमें से करीब 600 शिक्षक टेट पास नहीं हैं. इनमें 1988, 1994, 1999, 2000 और 2004 बैच के कई शिक्षक शामिल हैं. जबकि 2015 बैच के सभी शिक्षक टेट उतीर्ण हैं. पुराने शिक्षक, जो अगले कुछ वर्षों में सेवानिवृत्त होने वाले हैं, परीक्षा में बैठने को लेकर असमंजस में हैं. वहीं जिले में 3212 पारा शिक्षक सेवा दे रहे हैं, जिनमें से केवल 1032 ने टेट पास किया है, जबकि 2180 अब भी बिना टेट पास कार्यरत हैं. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इन्हें भी नौकरी खोने का डर सताने लगा है. प्रधानमंत्री को मांगपत्र भेजेगा शिक्षक संघ : कमलेश्वर पांडेय झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष कमलेश्वर पांडेय ने कहा कि इस संबंध में प्रधानमंत्री को मांगपत्र भेजा जायेगा. सुप्रीम कोर्ट के आदेश से जिले के करीब 600 सरकारी शिक्षक प्रभावित होंगे, जिनमें से लगभग 400 शिक्षक अगले दस वर्षों में सेवानिवृत्त हो जायेंगे. ऐसे में वे रिटायरमेंट की तैयारी करें या टेट परीक्षा की, इस दुविधा में फंसे हुए हैं. उन्होंने कहा कि गढ़वा जिला इकाई, राज्य संघ के निर्णय के आलोक में शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टेट उत्तीर्णता की अनिवार्यता हटाने की मांग करेगी. इसके लिए राज्यव्यापी आंदोलन किया जायेगा. संघ इस आदेश का विरोध करते हुए सरकार से नियमों में छूट देने की मांग करेगा और आवश्यकता पड़ने पर कानूनी विकल्पों पर भी विचार किया जायेगा. इस संबंध में संघ प्रधानमंत्री को मांगपत्र भी भेजा जायेगा. विभाग से अब तक कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुआ : डीएसई इस संबंध में जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज ने कहा कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानकारी मिली है, लेकिन विभाग की ओर से अब तक कोई दिशा-निर्देश नहीं मिला है. आदेश मिलने पर आवश्कता अनुसार कारवाई की जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Akarsh Aniket

लेखक के बारे में

By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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