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Success Story: गढ़वा के बेटे ने हरियाणा से की बीटेक की पढ़ाई, पहले ही प्रयास में बन गए एसबीआई में फायर मैनेजर

Updated at : 17 Mar 2025 6:54 PM (IST)
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Rakesh Kumar Paswan with parents

अपनी मां को मिठाई खिलाते राकेश कुमार पासवान और उनके पिता बिरंची पासवान

Success Story: गढ़वा के राकेश कुमार पासवान एसबीआई में फायर मैनेजर के रूप में चयनित हुए हैं. पहले ही प्रयास में उन्होंने सफलता हासिल की है.

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Success Story: रमना (गढ़वा), दिनेश गुप्ता-झारखंड के गढ़वा जिले के रहनेवाले राकेश कुमार पासवान का चयन एसबीआई में फायर मैनेजर के रूप में हुआ है. पहले ही प्रयास में उन्होंने सफलता हासिल की है. इन्होंने हरियाणा में दीदी-जीजा के यहां रहकर पढ़ाई की. यहीं से इन्होंने बीटेक की पढ़ाई पूरी की. इनकी सफलता पर लोगों ने बधाई दी है.

मुखिया के बेटे हैं राकेश कुमार पासवान


रमना बाजार निवासी सह मुखिया दुलारी देवी के तीसरे पुत्र राकेश कुमार पासवान ने बड़ी सफलता हासिल की है. राकेश कुमार पासवान का चयन स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (स्पेशल कैडर ऑफिसर) में फायर मैनेजर के रूप में हुआ है. इसके पहले वह अस्थाई रूप से फ्रीलांस ऑफिसर के रूप में कार्य कर रहे थे. उन्होंने पहले प्रयास में ही सफलता हासिल कर ली है.

राकेश के दो भाई हैं इंजीनियर


राकेश कुमार पासवान के बड़े भाई मुकेश कुमार पासवान गुजरात में स्टेट फर्टिलाइजर कंपनी में इंजीनियर के रूप में कार्य कर रहे हैं. दूसेर भाई अखिलेश पासवान इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (मथुरा) में रिफाइनरी में इंजीनियर के रूप में कार्य कर रहे हैं. राकेश पासवान की सफलता पर समाजसेवी मुन्ना प्रसाद, रोहित वर्मा, बबलू गुप्ता, जितेंद्र कुमार, टुनटुन सोनी, अनुज कुमार, गुडू प्रसाद, सुनील कुमार, श्याम कुमार, बिटू गुप्ता, धनंजय गुप्ता, मुन्ना पासवान सहित मुखिया संघ ने बधाई दी है.

कौन हैं राकेश कुमार पासवान?


राकेश कुमार पासवान गढ़वा जिले के रमना के रहनेवाले हैं. इनकी उम्र 30 वर्ष है. उनकी मां दुलारी देवी मुखिया हैं. पिता बिरंची पासवान समाजसेवी हैं. राकेश ने मैट्रिक की पढ़ाई श्रीगुरु रामदास सीनियर सेकेंडरी स्कूल पानीपत (हरियाणा) से पूरी की है. मैट्रिक में इन्हें 78 फीसदी अंक मिले थे. पॉलिटेक्निक डिप्लोमा गवर्मेंट पॉलिटेक्निक महम रोहतक (हरियाणा) से किया. इन्हें 73 फीसदी अंक मिले. बीटेक की पढ़ाई महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी रोहतक (हरियाणा) से की है. यहां से इन्हें 69 प्रतिशत अंक मिले. दीदी-जीजाजी के यहां हरियाणा में रहकर इन्होंने पढ़ाई की और इनके मार्गदर्शन में उपलब्धि हासिल की है.

ईमानदारी से मेहनत करने पर मिलती है सफलता-राकेश


राकेश कुमार पासवान ने बताया कि सच्चे मन से किया गया प्रयास कभी बेकार नहीं जाता. ईमानदारी से मेहनत की जाए तो सफलता मिलती ही है. उन्होंने इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों को दिया. उन्हें बधाई देनेवालों का तांता लगा है.

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Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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