सरसों की फसल वाले खेतों में नमी बनाये रखें

Updated at : 18 Feb 2025 9:04 PM (IST)
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सरसों की फसल वाले खेतों में नमी बनाये रखें

सरसों की फसल वाले खेतों में नमी बनाये रखें

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गढ़वा. गढ़वा में अगले सात दिनों का मौसम लगभग पिछले सप्ताह जैसा ही रहने की उम्मीद है. कृषि विज्ञान केंद्र गढ़वा के प्रधान वैज्ञानिक डॉ अशोक कुमार ने बताया कि पिछले सप्ताह दिन एवं रात के तापक्रम में काफी अंतर रहा. दिन में जहां गर्मी थी, वहीं रातें ठंढी रही हैं. परंतु आनेवाले सप्ताह में जहां दिन के तापक्रम में अधिक बदलाव नहीं होगा, वहीं रात का तापक्रम थोड़ा बढ़ेगा. उन्होंने बताया कि जिले में दिन का तापक्रम 31-32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है. वहीं रात का तापमान 12 से 16 डिग्री के आसपास रहेगा. दिन में गर्मी रहेगी और मौसम शुष्क रहेगा. किसानों को दी सलाह : कृषि वैज्ञानिक ने किसानों को सलाह दी कि ऐसी स्थिति में फसलों में आवश्यकतानुसार सिंचाई सुनिश्चित कर लें. सरसों की फसल जो फूल की अवस्था में है या जिसमें फलियां हरी हैं, उन खेतों में नमी बनाये रखें. अन्यथा दानें हल्के हो जायेंगे और उपज घट जायेगी. उन्होंने बताया कि जिन फसलों में फलियां पकने की अवस्था में है, उसमें सिंचाई की आवश्यकता नहीं है. सरसों की फसल में लाही के प्रबंधन के लिए एक मिलीलीटर इमिडाक्लोप्रिड या दो मिलीलीटर मेटासीस्टॉक्स या डाइमेथिओएट प्रति लीटर पानी में घोलकर एक से एक सप्ताह के अंतराल पर दो बार छिड़काव करें. यूरिया का छिड़काव जरूरी नहीं : गेहूं की फसल में 20 से 25 दिन के अंतराल पर सिंचाई करते रहें. उन्होेंने बताया कि गेहूं या सरसों की फसल में अब ऊपर से यूरिया का छिड़काव करने की आवश्यकता नहीं है. मक्के की फसल में बाल निकलने के समय सिंचाई के साथ 25 से 30 किलोग्राम यूरिया प्रति एकड़ के हिसाब से डालें. मक्के में सैनिक किट के आक्रमण के प्रबंधन के लिए फिपरोनिल एक मिलीलीटर प्रति लीटर पानी में घोलकर एक सप्ताह के अंतराल पर दो बार छिड़काव करें. पत्तियों के आधार तथा भुट्टों के छिलकों पर हल्के नीले, राख रंग के धब्बे दिखाई दें, तो कार्बेन्डाजिम एक ग्राम या हेक्साकोनाजोल दो मिलीलीटर प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें. कृषि वैज्ञानिक ने जाड़े की सब्जियां आलू, मटर, गोभी, बंद गोभी आदि की कटाई के बाद खेत में हल्की सिंचाई करने व फिर नमी अनुकूल होने पर खेत की जुताई करने की सलाह दी है. इसके बाद ही गर्मा सब्जियों की बुआइ करनी है. आम का मंजर बचाने के लिए तीन छिड़काव जरूरी डॉ अशोक कुमार आम के मंजर को बचाने के लिए तीन छिड़काव का शिड्यूल बनाने को कहा है. इसमें अलग-अलग सिस्टेमिक कीटनाशक इमिडाक्लोप्रिड, मेटासिस्टॉक्स, रोगोर व ऐसीफेट में से कोई भी तीन दवा का अलग-अलग समय में छिड़काव करने को कहा है. इसमें पहला छिड़काव जब मंजर आता है उस समय करना है. इसके बाद उसमें दाना पड़ जाने पर उस समय और तीसरा जब दाना थोड़ा बड़ा हो जाए उस समय करना है. उन्होंने बताया कि जब मंजर खिल जाता है, उस समय छिड़काव करने से बचना चाहिये. उन्होंने इस दौरान किसानों को सावधानी बरतने की भी सलाह दी है. उन्होंने कहा कि कीटनाशक का छिड़काव करते समय नाक पर गमछा लपेट कर रखें एवं संभव हो तो आंख पर भी चश्मा लगा लें. साथ ही कीटनाशक का छिड़काव जब हवा शांत रहे, उस समय करना श्रेयस्कर है. कृषि वैज्ञानिक ने किसानों को नकली दवाओं से बचने के लिए जीएसटी बिल प्राप्त करके ही खरीदारी करने की सलाह दी है.

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