केंदु पत्ता संग्रहण करने वाले मजदूरों को मिल रही कम राशि, नकद में हो रहा भुगतान

Published by : Akarsh Aniket Updated At : 22 May 2026 9:56 PM

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केंदु पत्ता संग्रहण करने वाले मजदूरों को मिल रही कम राशि, नकद में हो रहा भुगतान

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विजय सिंह, भवनाथपुर भवनाथपुर वन क्षेत्र (एरिया बी) में केंदु पत्ता संग्राहक मजदूरों को तय मानक से कम मजदूरी दिये जाने का मामला सामने आया है. सरकारी नियम के बावजूद मजदूरों को उनके बैंक खाते में भुगतान करने के बजाय नकद दिया जा रहा है. भवनाथपुर वन क्षेत्र के एरिया बी में केंदु पत्ता संग्रहण का काम वन निगम ने ””जेबी कंपनी”” को दिया है. कंपनी बरवारी, अरसली दक्षिणी और मझिगवां जैसे क्षेत्र में काम कर रही हैं. सरकारी मानक के अनुसार 52 पत्तियों का एक पोला होना चाहिए और प्रति 100 पोला पर 203.50 रुपये मजदूरी मिलनी चाहिए. लेकिन मजदूरों का कहना है कि उन्हें सिर्फ 175 रुपये प्रति 100 पोला के हिसाब से नकद भुगतान किया जा रहा है, जो नियमों का उल्लंघन है. नियमों के मुताबिक, बिचौलियों को खत्म करने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मजदूरों की राशि सीधे मजदूरों के बैंक खाते में भेजी जानी चाहिए, हालांकि यहां संवेदक की ओर से मजदूरों को नकद भुगतान किया जा रहा है. इससे मजदूर भविष्य में सरकार से मिलने वाले अन्य लाभ, जैसे बोनस और दुर्घटना बीमा, से वंचित हो सकते हैं. प्रभात खबर की पड़ताल में खुला पोल इस मामले को लेकर प्रभात खबर के प्रतिनिधि ने बरवारी संग्रहण केंद्र की पड़ताल की. इस दौरान मजदूर इंदू कोरवा, शिवकुमारी देवी और अनीता देवी ने बताया कि उन्हें 100 पोला के सिर्फ 175 रुपये ही मिल रहे हैं और भुगतान भी नकद में किया जा रहा है. मजदूरों ने बताया कि संवेदक के अनुसार एक पोला में सिर्फ 30-40 पत्तियां होती है, जिस कारण कम भुगतान किया जा रहा है. हालांकि जब प्रभात खबर के प्रतिनिधि ने मजदूर इंदू कोरवा के पोला की गिनती की, तो उसमें 50 पत्तियां पायी गयीं, जो सरकारी मानक 52 पत्तियों के काफी करीब था. सेवानिवृत्त वनरक्षी और वर्तमान में निगम कार्य देख रहे शंभू रजक ने कहा कि मजदूरों का भुगतान अनिवार्य रूप से उनके बैंक खाते में होना चाहिए. ऐसा न होना पूरी तरह गलत है और सरकार द्वारा तय मजदूरी दर से कम भुगतान करना नियमों के खिलाफ है. पिछले दो-तीन वर्षों से यही व्यवस्था हैः मुंशी बरवारी फड़ी मुंशी संतोष यादव ने बताया कि पिछले दो-तीन वर्षों से यहां यही व्यवस्था है और किसी मजदूर के बैंक खाते में पैसा नहीं भेजा जा रहा है. कम मजदूरी देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे कंपनी के आदेशानुसार भुगतान कर रहे हैं. तय मान के अनुसार ही भुगतान कर रही कंपनीः मनोज जेबी कंपनी के प्रतिनिधि मनोज कुमार झा ने कहा कि कंपनी निगम के तय मानक के अनुसार ही भुगतान कर रही है. उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही बैंक खाते में भुगतान शुरू किया जायेगा, हालांकि फिलहाल मजदूरों को नकद ही दिया जा रहा है.

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