छूटे परिवार तो अधूरी रह जाएगी विकास की प्लानिंग, गढ़वा के 16 प्रखंडों में 'पीवीटीजी एंटाइटलमेंट सर्वे' तेज
Published by : Priya Gupta Updated At : 28 May 2026 2:51 PM
सांकेतिक तस्वीर (AI Image)
Garhwa News: गढ़वा जिले के 16 प्रखंडों में आदिम जनजाति कोरबा और परहीया समुदाय के विकास के लिए ‘पीवीटीजी एंटाइटलमेंट सर्वे’ तेज कर दिया गया है. सरकार ने 3 जून तक लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया है, जबकि अब तक 56 प्रतिशत काम ही पूरा हो सका है.
गढ़वा से अविनाश की रिपोर्ट
Garhwa News: गढ़वा जिले के 16 प्रखंडों में निवास करने वाले आदिम जनजाति कोरबा और परहीया समुदाय के लिए सरकार एक महा-योजना तैयार कर रही है. इसके तहत प्रत्येक परिवार का ‘पीवीटीजी एंटाइटलमेंट सर्वे’ (विशेष कमजोर जनजातीय समूह पात्रता सर्वेक्षण) युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है.
सर्वे का उद्देश्य और लक्ष्य
जिला कल्याण पदाधिकारी धीरज प्रकाश द्वारा जारी सूचना के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले के अनुमानित करीब 14,000 परिवारों की 63,000 आबादी को चिह्नित कर उन्हें तमाम मूलभूत सरकारी सुविधाओं और लाभकारी योजनाओं से शत-प्रतिशत संतृप्त (आच्छादित) करना है. सरकार ने इस कार्य की महत्ता को देखते हुए इसकी अंतिम तिथि को बढ़ाकर आगामी 3 जून कर दिया है.
विकास की भावी रूपरेखा और सर्वे प्रक्रिया
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, इस सर्वे के आधार पर ही आदिम जनजातियों के विकास की भावी रूपरेखा तय होगी. अगर सर्वे के दौरान कोई भी परिवार या टोला छूट जाता है, तो भविष्य में सरकार की कल्याणकारी प्लानिंग अधूरी रह जाएगी. जिले के विभिन्न गांवों में यह कार्य मोबाइल ऐप के माध्यम से उसी गांव के स्थानीय अथवा आसपास के ही युवाओं (प्रगणकों) द्वारा किया जा रहा है.
योजनाओं और दस्तावेजों से जोड़ने की प्रक्रिया
सर्वे के बाद चिह्नित आदिम जनजाति परिवारों को इन महत्वपूर्ण दस्तावेजों और योजनाओं से सीधे जोड़ा जाएगा. राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड – जाति, आवासीय व जन्म प्रमाण पत्र,आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड , उज्ज्वला योजना गैस कनेक्शन, वृद्धा/विधवा पेंशन और अन्य कल्याणकारी योजनाएं.
सर्वे की प्रगति और प्रशासनिक अपील
कल्याण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जिले में अभी तक केवल 56 प्रतिशत सर्वे का कार्य ही पूर्ण हो सका है. समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए विभाग ने पूरी ताकत झोंक दी है. जिला कल्याण पदाधिकारी ने आम जनता, जागरूक नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से अपील की है कि इस संदेश को आदिम जनजाति समुदाय के बीच अधिक से अधिक प्रसारित करें, जिससे कोई भी योग्य परिवार इस महत्वपूर्ण अभियान से वंचित न रह जाए.
सूचना देने की व्यवस्था और अंतिम निर्देश
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी गांव या सुदूर टोले में अब तक सर्वे करने वाले प्रगणक नहीं पहुंचे हैं, तो ग्रामीण और जागरूक लोग सीधे अपने संबंधित प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) या प्रखंड कल्याण पदाधिकारी (बीडब्ल्यूओ) को इसकी तत्काल सूचना दें. सूचना देकर अगले 10 दिनों के अंदर सर्वे टीम को अपने गांव में अवश्य बुला लें ताकि छूटे हुए लोगों का नाम डेटाबेस में समय पर दर्ज किया जा सके. सभी 16 प्रखंडों के संबंधित अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी प्रशासनिक स्तर पर जारी किए जा रहे हैं.
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By Priya Gupta
प्रिया गुप्ता प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह झारखंड बीट पर काम कर रही हैं, जहां वह खबरों को आसान भाषा में लिखती हैं. इससे पहले वह लाइफस्टाइल बीट पर काम कर चुकी हैं, जहां उन्होंने हेल्थ, रेसिपी, मेहंदी डिजाइन और फैशन से जुड़ी खबरों पर काम किया. इसके अलावा, उन्होंने नेशनल प्रिंटर और लोकल चैनलों में भी काम किया है. उन्होंने ग्रेजुएशन की पढ़ाई डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से और मास्टर की पढ़ाई एमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड से पूरी की है.
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