भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहे पीएम आवास, रिश्वत लेकर भी रद्द कर रहे सैंक्शन सूची

Updated:
विज्ञापन
गढ़वा समाहरणालय में उपायुक्त की साप्ताहिक जनसुनवाई में खुला व्यवस्था का स्याह चेहरा | Prabhat Khabar Network

गढ़वा समाहरणालय में उपायुक्त की साप्ताहिक जनसुनवाई | Prabhat Khabar Network

गढ़वा में पीएम आवास योजना में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। पंचायत सचिव पर रिश्वत लेने और आवास रद्द करने का आरोप, डीसी ने दिए जांच के सख्त निर्देश।

विज्ञापन

गढ़वा : गढ़वा में सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत और ब्लॉक स्तर पर फैले भ्रष्टाचार का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. समाहरणालय सभागार में शुक्रवार को आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में जब फरियादी अपनी आपबीती सुनाने पहुंचे, तो प्रशासनिक अमले की पोल खुलकर रह गई . सबसे गंभीर मामला भवनाथपुर प्रखंड के पंडरिया गांव से आया, जहां एक गरीब महिला के नाम स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास योजना को भ्रष्टाचार की दीमक ने चाट लिया . पीड़ित असरफ हुसैन ने उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा के सामने सीधे तौर पर पंचायत सचिव पर गंभीर आरोप लगाए . पीड़ित का कहना है कि आवास की स्वीकृति के लिए पंचायत सचिव ने 15 हजार रुपये की रिश्वत ली, लेकिन इसके बावजूद योजना को निरस्त कर दिया गया. हद तो तब हो गई जब पैसे वापस मांगने पर केवल पांच हजार रुपये लौटाए गए और बाकी राशि दबा ली गई. यही नहीं, पीड़ित परिवार पर अब मामले को दबाने के लिए अनुचित दबाव भी बनाया जा रहा है . इस गंभीर शिकायत को सुनते ही डीसी पशुपति नाथ मिश्रा सख्त रुख अपनाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं .

गैस कनेक्शन के लिए एक साल से भटक रही महिला

ब्लॉक और एजेंसियों के स्तर पर आम लोगों को किस कदर दौड़ाया जाता है, इसकी बानगी सगमा प्रखंड के बहियार खुर्द गांव की सारा बीबी की आपबीती से मिलती है . सारा बीबी ने बताया कि उन्होंने मई 2025 में ही सगमा स्थित इंडियन गैस एजेंसी में नए गैस कनेक्शन के लिए ई-केवाईसी के साथ आवेदन दिया था . लेकिन विडंबना देखिए कि एक साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी न तो उन्हें गैस कनेक्शन मिला और न ही आवेदन की कोई रसीद दी गई . एजेंसी के चक्कर काट-काटकर थक चुकी महिला ने आखिरकार डीसी दरबार में न्याय की गुहार लगाई, जिस पर अधिकारियों को तत्काल जांच के आदेश दिए गए हैं .

15 महीने से बंद है विधवा पेंशन, सरकारी चापाकल पर दबंगों का कब्जा

कांडी प्रखंड के नैनाबार गांव की सकीला बीबी की कहानी भी सिस्टम की संवेदनहीनता को दर्शाती है . उन्हें पूर्व में विधवा पेंशन मिल रही थी, लेकिन पिछले 14-15 महीनों से उनका भुगतान बिना किसी ठोस वजह के बंद है . स्थानीय स्तर पर गुहार लगाने के बाद भी जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो वे जिला मुख्यालय पहुंचीं . डीसी ने इस मामले में सामाजिक सुरक्षा विभाग को तुरंत जांच कर पेंशन बहाल करने का निर्देश दिया है . वहीं, भवनाथपुर के सिंदुरिया गांव के ग्रामीणों ने एक दबंग द्वारा सरकारी चापाकल में समर्सिबल पंप लगाकर सार्वजनिक पेयजल आपूर्ति ठप करने की शिकायत की, जिसे लेकर उपायुक्त ने स्थलीय जांच कर कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं .

लापरवाही पर होगी सीधी कार्रवाई: उपायुक्त

जनसुनवाई के दौरान राशन कार्ड, भूमि विवाद, अवैध कब्जा, मनरेगा भुगतान और बकाया वेतन से जुड़े दर्जनों अन्य मामले भी सामने आए . मामलों की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने सभी विभागीय पदाधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है . उन्होंने कहा कि आमजन की शिकायतों के निपटारे में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी . सभी अधिकारी तय समय-सीमा के भीतर शिकायतों का पारदर्शी निष्पादन करें और जरूरत पड़ने पर खुद फील्ड में जाकर वस्तुस्थिति की जांच करें .


विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola