मझिआंव नगर पंचायत में कनीय अभियंता की प्रतिनियुक्ति रद्द

उपायुक्त को दिग्भ्रमित करने पर कार्यपालक पदाधिकारी को फटकार
उपायुक्त को दिग्भ्रमित करने पर कार्यपालक पदाधिकारी को फटकार पीयूष तिवारी, गढ़वा गढ़वा. मझिआंव नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी शैलेश कुमार द्वारा उपायुक्त दिनेश कुमार यादव को दिग्भ्रमित करने का मामला सामने आया है. यह मामला कनीय अभियंता संदीप कुमार की प्रतिनियुक्ति से जुड़ा है. मामले की जानकारी मिलने पर उपायुक्त ने कार्यपालक पदाधिकारी को कड़ी फटकार लगायी है. साथ ही मझिआंव नगर पंचायत में संदीप कुमार की प्रतिनियुक्ति रद्द कर दी गयी है. संदीप कुमार गढ़वा नगर परिषद में अनुबंध के आधार पर कनीय अभियंता के पद पर कार्यरत हैं. कार्यपालक पदाधिकारी की सिफारिश पर उपायुक्त स्तर से उनकी प्रतिनियुक्ति गढ़वा नगर परिषद के साथ-साथ मझिआंव नगर पंचायत में भी कर दी गयी थी. हालांकि मझिआंव नगर पंचायत में पहले से ही दो कनीय अभियंता कार्यरत हैं. ऐसे में वहां एक अतिरिक्त कनीय अभियंता की आवश्यकता नहीं थी. इसके बावजूद कार्यपालक पदाधिकारी ने यह तथ्य छुपाकर संदीप कुमार की प्रतिनियुक्ति करा दी. सत्य सामने आने पर उपायुक्त ने न सिर्फ प्रतिनियुक्ति रद्द कर दी, बल्कि कार्यपालक पदाधिकारी को लिखित रूप से कड़ी चेतावनी भी दी है. क्या है पूरा मामला उपायुक्त ने मझिआंव नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी शैलेश कुमार को भेजे गये पत्र (ज्ञापांक-30/2026) में भ्रामक प्रतिवेदन देने को लेकर चेतावनी दी है. पत्र में इसे दिग्भ्रमित करने की कार्रवाई बताते हुए भविष्य में पुनरावृत्ति होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात कही गयी है. पत्र में कहा गया है कि कार्यपालक पदाधिकारी ने मझिआंव शहरी क्षेत्र में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के लिए एक अनुभवी कनीय अभियंता की प्रतिनियुक्ति करने का अनुरोध किया था. इसके आलोक में उपायुक्त कार्यालय से पत्रांक-564, दिनांक 30 दिसंबर 2025 के माध्यम से संदीप कुमार की प्रतिनियुक्ति गढ़वा नगर परिषद के कार्यों के साथ-साथ अतिरिक्त प्रभार के रूप में मझिआंव नगर पंचायत में कर दी गयी थी. हालांकि मझिआंव नगर पंचायत में पहले से ही संदीप यादव और उमाकांत रवि दो कनीय अभियंता कार्यरत हैं. नगर विकास एवं आवास विभाग, रांची की अधिसूचना संख्या-4789 के अनुसार मझिआंव नगर पंचायत के लिए दो कनीय अभियंताओं का ही पद सृजित है. इसी के अनुरूप वहां दो अभियंता कार्यरत हैं. इस कारण संदीप कुमार की प्रतिनियुक्ति संबंधी आदेश को निरस्त कर दिया गया है. उपायुक्त ने पत्र में स्पष्ट कहा है कि किसी भी कर्मी के पदस्थापन या प्रतिनियुक्ति के मामले में अधोहस्ताक्षरी को दिग्भ्रमित नहीं किया जाये. भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति होने पर विभाग को सूचित करते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की जायेगी. संदीप कुमार को लेकर पहले भी हो चुका है विवाद गढ़वा नगर परिषद में कार्यरत कनीय अभियंता संदीप कुमार पहले भी विवादों में घिर चुके हैं. वर्ष 2023-2024 में भी उन्हें अतिरिक्त प्रभार के रूप में गढ़वा नगर परिषद से मझिआंव नगर पंचायत में प्रतिनियुक्त किया गया था. उस समय गढ़वा नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार थे. वे अतिरिक्त प्रभार में मझिआंव नगर पंचायत का भी कार्य देख रहे थे. उन्होंने मझिआंव नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी की हैसियत से गढ़वा नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को पत्र लिखकर संदीप कुमार की प्रतिनियुक्ति की मांग की थी. इसके बाद गढ़वा नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी के रूप में स्वयं ही उस प्रतिनियुक्ति को मंजूरी भी दे दी थी. यानी पत्र भी स्वयं लिखा गया और मंजूरी भी स्वयं दी गयी. इस मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी था कि प्रतिनियुक्ति की मांग की तिथि (पत्रांक-289, दिनांक तीन अप्रैल 2023) और मंजूरी की तिथि (पत्रांक-589, दिनांक तीन अप्रैल 2023) दोनों एक ही दिन की थी. इस मामले को लेकर नगर विकास विभाग के अपर सचिव मनोहर मरांडी ने पत्रांक-275, दिनांक 19 जनवरी 2024 के माध्यम से शोकॉज जारी किया था और कार्रवाई की चेतावनी दी थी. ऐसे में एक बार फिर संदीप कुमार की प्रतिनियुक्ति को लेकर विवाद सामने आने और उपायुक्त की सख्त प्रतिक्रिया के बाद यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है.
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