दुष्कर्म के आरोपी को आजीवन कारावास

Published at :31 Mar 2016 7:51 AM (IST)
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दुष्कर्म के आरोपी को आजीवन कारावास

गढ़वा : जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ वाइके शाही की अदालत ने सामूहिक दुष्कर्म के मामले में एक व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. साथ ही आर्थिक दंड के रूप में 20 हजार रुपये जमा करने का निर्देश दिया है. आर्थिक दंड नहीं देने पर छह माह के अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. सजा […]

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गढ़वा : जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ वाइके शाही की अदालत ने सामूहिक दुष्कर्म के मामले में एक व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. साथ ही आर्थिक दंड के रूप में 20 हजार रुपये जमा करने का निर्देश दिया है. आर्थिक दंड नहीं देने पर छह माह के अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.
सजा पानेवाले में पलामू जिला के डंडि़ला गांव निवासी मो कैश खलीफा के नाम शामिल है. उल्लेखनीय है कि डंडि़ला गांव निवासी खुशबून वीबी (काल्पनिक नाम) ने एक जनवरी 2011 को गढ़वा प्रखंड के वनांचल डेंटल कॉलेज के पास ले जाकर दुष्कर्म करने का मामला दर्ज कराया था. दस्तावेज व साक्ष्य के आधार पर इस मामले में मो कैश को सजा सुनायी गयी.
एक वाहन पर देते हैं "
गढ़वा से मेदिनीनगर जाने के लिये गढ़वा-शाहपुर मार्ग ही गढ़वावासियों के लिये सीधा सीधा और शॉट मार्ग है. इस मार्ग पर 407 और 709 गाड़ियां मिला कर करीब दो दर्जन वाहन प्रतिदिन चलते हैं.
लेकिन इस मार्ग पर यात्री वाहनों से अापराधिक गिरोहों द्वारा रंगदारी की वसूली से कभी वाहनों का परिचालन ठप हो जाता है. अपराधियों से त्रस्त वाहन चालक मनमानी भी करने लगते हैं. बहरहाल यात्रियों को इससे परेशानी झेलनी पड़ रही है.
गढ़वा : गढ़वा से शाहपुर तक यात्री वाहनों का संचालन मुश्किल हो गया है. अापराधिक गिरोहों को भुगतान किये गये इस रूट से कोई बस आगे नहीं जा पाती. रकम भी छोटी-मोटी नहीं, महीने में एक वाहन से 72,000 रुपये तक वसूले जाते हैं.
यात्री बसों से रंगदारी वसूलने को लेकर अापराधिक गिरोहों के बीच वर्चस्व की लड़ाई में अब तक गाड़ी मालिक प्रदीप तिवारी, उदय पहलवान और लाल बाबू की हत्या हो चुकी है. दानरो नदी पर इस तरह वर्चस्व को लेकर खूनी संघर्ष को देखते हुए प्रशासन ने दानरो नदी तट से बस स्टैंड को हटा कर शहर के सोनपुरवा स्थित पालिका परिवहन पड़ाव में स्थानांतरित कर दिया गया है.
लेकिन, इसका कोई खास असर नहीं हुआ. हालांकि, अपराध के बाद कई लोग गिरफ्तार हुए. कुछ जमानत पर छूट गये और कुछ अब भी जेल में हैं. एक के बाद एक कई हत्याएं होने के कारण बस संचालकों में अपराधियों का इतना खौफ है कि वे चुपचाप समझौता कर लेते हैं. पुलिस से शिकायत भी नहीं करते. बस स्टैंड पर गाड़ियों से रंगदारी वसूली को लेकर वर्चस्व की लड़ाई में हाल में तीन हत्याएं हो चुकी हैं. लेकिन रंगदारी वसूली में इससे कोई असर नहीं पड़ा.
पुलिस को कोई सूचना नहीं है : थाना प्रभारी
इस संबंध में गढ़वा थाना प्रभारी निरंजन कुमार से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि उन्हें ऐसी कोई सूचना नहीं है.
उनके थाना क्षेत्रों में बस मालिकों को किसी तरह की कठिनाई नहीं है. रंगदारी वसूली की बात महज अफवाह है. वे स्वयं रात में गश्ती करते हैं, ताकि वाहन चालकों को परेशान न कर सके. रंगदारी की बात अन्य थाना क्षेत्र में हो सकती है.
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