म्यूटेशन के लिए मांग रहा था पैसे

Published at :09 Jan 2015 7:05 AM (IST)
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म्यूटेशन के लिए मांग रहा था पैसे

गढ़वा : अखिलेश उरांव ने गढ़वा अंचल के ही फरठिया गांव में एक कट्ठा जमीन खरीदा था. जिसके म्यूटेशन के लिए उसने अंचल पदाधिकारी से अनुशंसित आवेदन 27 अक्तूबर 2014 को राजस्व कर्मचारी अनिल सिंह को दिया था, लेकिन पैसे की मांग करते हुए उन्हें लगातार दौड़ाया जा रहा था. जब श्री उरांव ने रांची […]

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गढ़वा : अखिलेश उरांव ने गढ़वा अंचल के ही फरठिया गांव में एक कट्ठा जमीन खरीदा था. जिसके म्यूटेशन के लिए उसने अंचल पदाधिकारी से अनुशंसित आवेदन 27 अक्तूबर 2014 को राजस्व कर्मचारी अनिल सिंह को दिया था, लेकिन पैसे की मांग करते हुए उन्हें लगातार दौड़ाया जा रहा था.

जब श्री उरांव ने रांची जाकर इसकी निगरानी में शिकायत दर्ज करायी, उसके बाद निगरानी की टीम ने गढ़वा आकर सत्यता की जांच की. जांच रिपोर्ट मिलने के बाद गुरुवार को पुन: निगरानी की टीम गढ़वा पहुंची और कार्रवाई की.

1500 रुपये से 3000 रुपये तक रिश्वत ली जाती है म्यूटेशन में : जमीन की खरीद-बिक्री होने के बाद म्यूटेशन के लिए अंचल में राजस्व कर्मचारी की ओर से 1500 रुपये से लेकर 3000 रुपये तक रिश्वत की मांग की जाती है. इसके लिए लगभग सभी राजस्व कर्मचारियों ने अपने कुछ दलालों को तैयार कर रखा है, जो रिश्वत के लेन-देन की बारगेनिंग करते हैं. सभी कागजात सही होने के बावजूद रिश्वत नहीं मिलने पर साल-दो साल तक दौड़ाया जाता है.

अधिकार के प्रति जागरूकता जरूरी: डीएसपी: निगरानी डीएसपी अवधेश सिंह ने गिरफ्तारी के समय मौजूद आम लोगों एवं पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा कि रिश्वत लेना एवं देना दोनों जुर्म है. लोगों को अपने काम के लिए कभी भी रिश्वत नहीं देनी चाहिए. ऐसी परिस्थति आने पर निगरानी को तुरंत सूचना देनी चाहिए.

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