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तसरार पहुंची पुलिस पर दूसरे दिन भी ग्रामीणों ने हमला किया

Updated at : 11 Jun 2019 1:20 AM (IST)
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तसरार पहुंची पुलिस पर दूसरे दिन भी ग्रामीणों ने हमला किया

डंडई : डंडई थाना क्षेत्र के तसरार गांव की समीदा बीबी हत्याकांड मामले को लेकर सोमवार को पुन: स्थिति बिगड़ गयी. आक्रोशित ग्रामीण सायरा बीबी को गढ़वा ले जाने के प्रयास के दौरान पुलिस बल पर लाठी-डंडे लेकर आक्रामक हो उठे. ग्रामीणों के तेवर को देखते हुए पुलिस को अंतत: सायरा को तसरार में ही […]

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डंडई : डंडई थाना क्षेत्र के तसरार गांव की समीदा बीबी हत्याकांड मामले को लेकर सोमवार को पुन: स्थिति बिगड़ गयी. आक्रोशित ग्रामीण सायरा बीबी को गढ़वा ले जाने के प्रयास के दौरान पुलिस बल पर लाठी-डंडे लेकर आक्रामक हो उठे. ग्रामीणों के तेवर को देखते हुए पुलिस को अंतत: सायरा को तसरार में ही एक घर में बंद कर किसी तरह अपने को बचाने में सफल हुई.

ग्रामीणों ने इस घटना में पुलिस के खिलाफ गढ़वा-चिनिया मार्ग को जाम कर दिया. दो घंटे बाद एसपी शिवानी तिवारी ने मौके पर पहुंच कर आश्वासन दिया, जिसके बाग मामला शांत हुआ. एसपी सायरा बीबी को अपने संरक्षण में गढ़वा ले आयी है. साथ ही समीदा के पिता व ग्रामीणों ने इस मामले में न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया है.
खुदाई को बीच में रोकने से आक्रोशित हुए ग्रामीण : विदित हो कि रविवार को तसरार के ग्रामीणों द्वारा बंधक बने पुलिसकर्मियों को रात करीब 12 बजे बीडीओ सुनील कुमार सिंह के आश्वासन पर मुक्त किया गया था. बीडीओ ने आश्वासन दिया था कि सोमवार को आरोपी को लाकर घर में खुदाई कराकर इसकी जांच की जायेगी. इसके आलोक में सोमवार को मृतका की सास सायरा बीबी को पुलिस लेकर उसके घर पहुंची. उसके बाद उसके कथनानुसार शव की शिनाख्त के लिये उसके घर में रखे गिट्टी हटाकर खुदाई की जाने लगी.
लेकिन कुछ देर तक लगभग एक फीट की खुदाई के बाद ही पुलिस बीच में ही इसे छोड़ कर चुपके से सायरा बीबी को गढ़वा ले जाने का प्रयास करने लगी. खुदाई को अधूरा छोड़ने और सायरा को ले जाते देख ग्रामीण उग्र हो उठे और उन्होंने उसे रोकने के लिये सड़क तक पहुंच गये. उस समय तक पुलिस महिला को अपनी गाड़ी में बैठाकर गाड़ी स्टार्ट कर चुकी थी.
पुलिस के इस प्रयास को देखकर ग्रामीण अपने अपने हाथों में लाठी-डंडा लेकर दौड़ गये और पुलिस की गाड़ी को रोक दिये. इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच काफी देर तक नोकझोंक हुई. ग्रामीणों का दबाव बढ़ता देख पुलिस पदाधिकारियों ने स्वयं को बचाने के लिये सायरा को पड़ोस के घर में रखकर उसे बचाया. इस दौरान ग्रामीण पुलिस प्रशासन-मुर्दाबाद, डीएसपी,थाना प्रभारी-होश में आओ, दारोगा और डीसपी को निलंबित करो…आदि नारे लगा रहे थे. आक्रोशित ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए एक पेड़ काटकर गढ़वा-चिनिया रोड पर रखकर उसे जाम कर दिया.
ग्रामीणों का कहना था कि सायरा बीबी के कहने पर उसके घर में मिट्टी की खुदाई की जा रही थी, तो खुदाई का कार्य पूरा क्यों नहीं किया गया. खुदाई बीच में ही छोड़कर पुलिस वारा उसे गढ़वा के लिये क्यों ले जाया जाने लगा. ग्रामीणों ने इस मामले में डीएसपी व थाना प्रभारी पर आरोपियों के साथ सांठगांठ होने का भी आरोप लगाया. ग्रामीण इतने आक्रोश में थे कि घर में बंद सायरा को बाहर निकालने के लिए कई बार प्रयास किये. यद्यपि इसमें उन्हें सफलता नहीं मिली.
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