गढ़वा में निजी स्कूलों की मनमानी पर प्रशासन सख्त, 10% से ज्यादा नहीं बढ़ेगी ट्यूशन फी 

Published by : Sweta Vaidya Updated At : 06 Jun 2026 12:06 PM

विज्ञापन

गढ़वा डीसी (फोटो- X@dc_garhwa)

Garhwa News: गढ़वा में निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि पर जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई है. अब कोई भी निजी स्कूल सालाना 10 प्रतिशत से अधिक ट्यूशन फीस नहीं बढ़ा सकेगा. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें. 

विज्ञापन

गढ़वा से अविनाश की रिपोर्ट

Garhwa News: गढ़वा जिले के निजी स्कूलों द्वारा मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने, री-एडमिशन और किताबों-यूनिफॉर्म के नाम पर अभिभावकों के शोषण की शिकायतों पर जिला प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है. उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय शुल्क समिति की बैठक हुई. बैठक में स्कूलों, अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों के पक्षों को सुनने के बाद उपायुक्त ने फीस वृद्धि की लक्ष्मण रेखा तय कर दी है. 

10 प्रतिशत से अधिक नहीं बढ़ेगी ट्यूशन फीस  

बैठक में झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण (संशोधन) अधिनियम, 2017 के आलोक में कई कड़े निर्देश जारी किए गए कोई भी निजी स्कूल सालाना 10% से अधिक ट्यूशन फी नहीं बढ़ा सकेगा. एनुअल फी में बढ़ोतरी ट्यूशन फी के 15% की राशि से अधिक नहीं होगी. 

स्कूलों को देना होगा पूरा विवरण

स्कूलों को एनुअल फी का पूरा ब्रेकअप (विवरण) सार्वजनिक करना होगा. किसी भी तरह का छुपा हुआ शुल्क नहीं लिया जाएगा. कोई भी स्कूल 5 साल से पहले अपने विद्यार्थियों का यूनिफॉर्म नहीं बदल सकेगा. अभिभावक किसी भी बुक स्टोर से किताबें खरीदने के लिए स्वतंत्र होंगे. स्कूल किसी खास या चिन्हित दुकान से किताबें खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकते. 

स्कूल प्रबंधन और जनप्रतिनिधियों ने रखे अपने-अपने पक्ष 

बैठक के दौरान निजी स्कूल के संचालकों और प्राचार्यों ने तर्क दिया कि एनुअल फी के जरिए ही परीक्षा शुल्क, भवन का रखरखाव, शिक्षकों का पीएफ, ग्रेच्युटी, होल्डिंग टैक्स और बिजली बिल जैसे खर्चों का निपटारा किया जाता है. साथ ही दावा किया कि एडमिशन चार्ज सिर्फ पहली बार ही लिया जाता है. दूसरी ओर बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई थी. उन्होंने कहा कि स्कूलों में सुविधाएं भले ही बढ़ें, लेकिन अभिभावकों की जेब का ख्याल रखना भी जरूरी है. 

ये लोग रहे मौजूद 

बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रजा, जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज समेत जिले के विभिन्न निजी स्कूलों के संचालक, प्रधानाचार्य, टीचर्स, जनप्रतिनिधि और छात्र-अभिभावक संघ के प्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित थे.

यह भी पढ़ें: मुजफ्फरपुर अग्निकांड के बाद भी लापरवाही, रांची के अस्पतालों में फायर सेफ्टी फेल, रिम्स पर भी खतरा मंडराया

यह भी पढ़ें: Jharkhand: गर्मी की छुट्टियों में भी नहीं छूटेगी पढ़ाई, 35000 से अधिक विद्यालयों में चलेगा ‘ग्राम शिक्षा संगम

विज्ञापन
Sweta Vaidya

लेखक के बारे में

By Sweta Vaidya

श्वेता वैद्य प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में एक साल से अधिक का अनुभव है. पिछले करीब दो महीनों से वे झारखंड बीट पर सक्रिय रूप से काम कर रही हैं. इस दौरान वे राज्य से जुड़ी ताजा खबरों, लोगों से जुड़े मुद्दे और जरूरी जानकारियों पर आधारित स्टोरीज तैयार कर रही हैं. इससे पहले उन्होंने लाइफस्टाइल बीट के लिए भी कंटेंट लिखा. इस बीट में उन्होंने रेसिपी, फैशन, ब्यूटी टिप्स, होम डेकोर, किचन टिप्स, गार्डनिंग टिप्स और लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन्स जैसे रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर रोचक और उपयोगी आर्टिकल लिखे. श्वेता की हर बार कोशिश यही रहती है कि बात आसान, साफ और सीधे तरीके से लोगों तक पहुंचे, जिससे कि हर कोई उसे बिना दिक्कत के समझ सके. कंटेंट राइटर के तौर पर उनका फोकस होता है कि कंटेंट सिंपल, रिलेटेबल और यूजर-फ्रेंडली हो.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola