East Singhbhum news : बंगाल से पटमदा व एमजीएम क्षेत्र में आया बाघ, रात में घूमने पर रोक

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घाटशिला वन क्षेत्र के आमबेड़ा व पटमदा में पदचिह्न मिले, शाम को डुमकाकोचा-मिर्गीटांड़ के जंगल में पहुंचने की आशंका, डीएफओ और रेंजर अपनी टीम के साथ सक्रिय, दहशत में ग्रामीण

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गालूडीह. पश्चिम बंगाल से एक बाघ सोमवार को झारखंड में घाटशिला वन क्षेत्र में घुस गया है. सोमवार की सुबह पूर्वी सिंहभूम जिले के एमजीएम थानांतर्गत बेको पंचायत के आमबेड़ा जंगल में बाघ के पदचिह्न देखे गये. वहीं शाम में जिले के पटमदा में बाघ के पदचिह्न मिले. जबकि, बाघुड़िया पंचायत के डुमकाकोचा-मिर्गीटांड़ जंगल में बाघ के पहुंचने की बात कही गयी. वन विभाग ने बाघ आने की पुष्टि की है. उक्त क्षेत्र के लोगों को सतर्क कर दिया गया है. लोगों को रात में घूमने पर पाबंदी लगा दी गयी है. बाघ आने की सूचना से दर्जनों गांवों के लोग दहशत में हैं.

सोमवार की शाम पूर्वी सिंहभूम के डीएफओ सबा अहमद और घाटशिला के रेंजर विमद कुमार अपनी टीम के साथ बंगाल सीमा से सटे इलाकों में सक्रिय रहे. घाटशिला के रेंजर विमद कुमार ने कहा कि सुबह में झारखंड की बेको पंचायत स्थित आमबेड़ा (दलमा से सटा) में बाघ के पदचिह्न मिले हैं. वहीं, शाम होते- होते डुमकाकोचा-मिर्गीटांड़ के जंगल में बाघ के पहुंचने की बात सामने आ रही है.

एक दर्जन गांवों में लगाये गये नाइट विजन कैमरे

रेंजर ने बताया कि झारखंड सीमा से सटे एमजीएम थाना क्षेत्र के ईंटामाड़ा, माचाबेड़ा, हाड़माडीह, गोविंदपुर, गालूडीह थाना क्षेत्र के नरसिंहपुर, डुमकाकोचा, मिर्गीटांड़, झाटीझरना, जामबाद सहित एक दर्जन गांवों में वन विभाग ने नाइट विजन सीसीटीवी कैमरा लगाया है. अब तक कैमरे में बाघ कैद नहीं हुआ है.

रविवार को बंगाल में कैमरे में कैद हुई थी बाघ की तस्वीर

ज्ञात हो कि रविवार (19 जनवरी) को झारखंड सीमा से तीन किमी दूर पश्चिम बंगाल के बांदवान थानांतर्गत राइका घाटीहुली जंगल में बाघ दिखा था. वहां वन विभाग के नाइट विजन सीसीटीवी कैमरे में बाघ की तस्वीर कैद हुई थी. उक्त तस्वीर को बंगाल वन विभाग ने जारी किया था. बंगाल वन विभाग के सीसीएफ एस. कुलान ने बताया कि रविवार को बाघ राइका में था. सोमवार की सुबह बाघ झारखंड में प्रवेश कर गया है. यह बाघ कई दिनों से बंगाल के झाड़ग्राम, बांदवान होते हुए पुरुलिया के जंगल में घूम रहा था.

डुमकाकोचा में एक सप्ताह पहले हाथी का बच्चा मरा था

सोमवार की शाम डुमकाकोचा में जहां बाघ के पहुंचने की बात कही जा रही है, वहां एक सप्ताह पहले हाथी का एक बच्चा बेहोश होकर गिर गया था. वन विभाग उसे उठाकर ले गया था. टाटा जू में दो दिनों तक इलाज के बाद हाथी का बच्चा मर गया था. इससे उग्र होकर कई दिनों तक हाथियों का झुंड उत्पात मचाता रहा. अब बाघ के आने से ग्रामीण फिर दहशत में हैं.

बाघ आया है, अलर्ट किया गया

एमजीएम और पटमदा क्षेत्र में बाघ के पदचिह्न मिले हैं. इसके पहले कालाझोर में पदचिह्न मिले थे. दोनों पदचिह्न एक ही बाघ के हैं. क्षेत्र में लोगों को सचेत कर दिया गया है. रात में घूमने पर रोक लगायी गयी है.

– सबा आलम अंसारी, डीएफओ, पूर्वी सिंहभूम

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