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महाकुंभ की भगदड़ में लापता झारखंड की महिला लौट आयी घर, खुशी का माहौल

Updated at : 31 Jan 2025 11:11 PM (IST)
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GEETA DEVI RETURN

अपने रिश्तेदारों के साथ गीता देवी

महाकुंभ की भगदड़ में लापता झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले की महिला गीता देवी शुक्रवार शाम सकुशल जमशेदपुर लौट आयीं. इससे परिवार में खुशी का माहौल है. जुगसलाई के लोगों की मदद से वह घर पहुंचीं.

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पोटका (पूर्वी सिंहभूम), संजय सरदार-प्रयागराज महाकुंभ के संगम नोज में हुई भगदड़ में लापता झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के हाता की महिला गीता देवी (50 वर्ष) शुक्रवार शाम को सकुशल जमशेदपुर लौट आयीं. इससे घर में खुशी का माहौल है. 28 जनवरी की रात को प्रयागराज के संगम नोज में हुयई भगदड़ से गीता देवी लापता हो गयी थीं. वह अपने पति चैतन हेंब्रोम, पुत्र हरनाम हेंब्रोम एवं सास रुक्मिणी सिंह के साथ शाही स्नान के लिए 27 जनवरी को प्रयागराज गयी थीं. 29 जनवरी को गीता देवी को छोड़कर परिवार के सभी लोग मिल गए, लेकिन गीता देवी लापता थीं. परिजनों ने रुककर काफी खोजबीन की, लेकिन पता नहीं चला. गीता देवी शुक्रवार शाम की ट्रेन से जमशेदपुर पहुंच गयीं. वह अभी जमशेदपुर की रिफ्यूजी कॉलोनी स्थित अपने रिश्तेदार के घर पर रुकी हैं.

जुगसलाई निवासी ने की मदद, घर तक लेकर आए


गीता देवी ने बताया कि महाकुंभ में 28 जनवरी की देर रात वह अपने परिजनों के साथ संगम तट पर बैठी थीं. इसी दौरान भगदड़ में वह परिजनों से बिछड़ गयीं. एक नए शहर में वह ना तो किसी को पहचान पा रही थीं, ना ही उनके पास पैसे थे. इस स्थिति में वह भारी भीड़ के बीच भटक रही थीं. एक होटल के समीप रोते-बिलखते देख जमशेदपुर के जुगसलाई गर्ल्स स्कूल रोड निवासी संगीता देवी और सुरेंद्र चौधरी ने उनसे जानकारी ली तो अपने शहर का पाकर काफी मदद की और साथ में लेकर जमशेदपुर आए. इस दु:ख की घड़ी में गीता देवी ने साथ देने के लिए संगीता देवी और सुरेंद्र चौधरी के प्रति अभार प्रकट किया है.

घबरायी हुई थी गीता, रो रही थी : संगीता देवी


हाता निवासी गीता देवी को मदद करते हुए जमशेदपुर लानेवाली जुगसलाई निवासी संगीता देवी ने कहा कि भगदड़ के बाद संगम तट की स्थिति अत्यंत भयावह थी. लोग अपने परिजनों से बिछड़कर रो रहे थे. इसी दौरान दूसरे दिन होटल में खाना खाने के दौरान उनकी नजर गीता देवी पर पड़ी, जो काफी घबरायी हुई थी और रो रही थी. उन्होंने अपना फर्ज निभाते हुए ट्रेन से बनारस लेकर आए और उसके बाद बक्सर से जमशेदपुर की ट्रेन में सवार होकर टाटानगर स्टेशन पहुंचे.

गीता की खोज में बनारस में जमे थे परिजन


गीता देवी के साथ प्रयागराज महाकुंभ गए उनके पति, पुत्र एवं सास बनारस में रुककर गीता देवी की लगातार खोज कर रहे थे. वह वहां लगातार कंट्रोल रूम के संपर्क में रहने के साथ-साथ अस्पताल में भी खोज कर रहे थे. गीता देवी को खोजने के लिए उनका बड़ा पुत्र दीपक हेंब्रोम शुक्रवार शाम को अपने तीन दोस्तों के साथ प्रयागराज पहुंचा, जबकि उसकी मां जुगसलाई निवासी संगीता देवी की मदद से जमशेदपुर पहुंच गयी. परिजनों को फोन से सूचना दे दी गयी है. सभी काफी खुश हैं.

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Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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