बीहड़ में सचिन की घेराबंदी,फायरिंग

Updated at : 31 Jan 2017 6:23 AM (IST)
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बीहड़ में सचिन की घेराबंदी,फायरिंग

नक्सली राहुल के सरेंडर के बाद झारखंड और बंगाल पुलिस सचिन को दबोचने में जुटी है कुचिया पिकेट के कोबरा बटालियन के साथ हुई फायरिंग,दस्ते के साथ भाग निकला सचिन गालूडीह : झारखंड-बंगाल सीमा पर स्थित आसनपानी के पास बीहड़ में हॉर्डकोर नक्सली सचिन की घेराबंदी सर्च अभियान में जुटे कोबरा के जवानों की ने […]

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नक्सली राहुल के सरेंडर के बाद झारखंड और बंगाल पुलिस सचिन को दबोचने में जुटी है

कुचिया पिकेट के कोबरा बटालियन के साथ हुई फायरिंग,दस्ते के साथ भाग निकला सचिन
गालूडीह : झारखंड-बंगाल सीमा पर स्थित आसनपानी के पास बीहड़ में हॉर्डकोर नक्सली सचिन की घेराबंदी सर्च अभियान में जुटे कोबरा के जवानों की ने की. इस दौरान दोनों ओर से फायरिंग भी हुई. कई राउंड गोलियां चली. बीहड़ का लाभ उठा कर सचिन अपने दस्ते के साथ भाग निकला. सर्च अभियान में बांदवान थाना क्षेत्र के कुचिया पिकेट में तैनात कोबरा बटालियन के जवान शामिल थे. घटना 28 जनवरी की सुबह हुई थी. फायरिंग के बाद कोबरा बटालियन ने कुचिया अंचल के बीहड़ों और झारखंड सीमा से सटे द्वारसिनी, आसनपानी, लुकापानी, पोचापानी के बीहड़ों में दिन भर सर्च अभियान चलाया. परंतु सचिन का सुराग नहीं मिल पाया. सुबह में गोलियां चलने से आस पास के के ग्रामीण सहम गये थे.
सचिन को दबोचने में जुटी है दोनों राज्यों की पुलिस:रंजीत पाल उर्फ राहुल के सरेंडर करने के बाद झारखंड और बंगाल पुलिस हार्डकोर नक्सली सचिन को दबोचने में जुटी है. दोनों राज्यों की पुलिस एक रणनीति के तहत सर्च अभियान चला रही है.जानकारी हो कि पटमदा निवासी सचिन काफी दिनों से दस्ते से जुड़ा है. फिलहाल उसके नेतृत्व में ही दलमा, एमजीएम, गालूडीह और घाटशिला थाना क्षेत्र में संगठन काम कर रहा है. पुलिस मानती है कि राहुल के सरेंडर के बाद सचिन की जिम्मेवारी बढ़ी है.उसकी गिरफ्तारी से इस क्षेत्र में संगठन का अस्तित्व मिट जायेगा.
खुद मरने की बारी आयी, तो सरेंडर कर दिया: राहुल एमजीएम, गालूडीह, घाटशिला, बांदवान और बेलपहाड़ी थाना क्षेत्र के बीहड़ों में 2006 से आंतक मचा रखा था. बीहड़ गांवों के ग्रामीण नाम नहीं छापने के शर्त पर कहते हैं कि राहुल को गोली चलाने में समय नहीं लगता था.
कईयों को उसने जान से मार डाला. अब जब खुद मरने की बारी आयी तो सरेंडर कर दिया. ग्रामीण कहते हैं वह संगठन से कई माह से अलग-थलग था. अगर सरेंडर नहीं करता तो मारा जाता.
हथियार मिलने की चर्चा, पर पुलिस नहीं बता रही: सिपाई के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद पुलिस ने उसकी नक्सली पत्नी सोनाली को गिरफ्तार किया था. सोमवार को पुलिस ने सोनाली को रिमांड पर लेकर गुड़ाबांदा और डुमरिया थाना क्षेत्र के कई गांवों और बीहड़ों में छापामारी की. जानकारी मिली है कि इस छापामारी में पुलिस को नक्सलियों द्वारा छिपा कर रखे गये हथियार, बंदूक, लैंड माइंन, वर्दी आदि हथियार मिले हैं. परंतु इस संबंधित में पुलिस कुछ भी नहीं बता रही है. घाटशिला के एसडीपीओ संजीव कुमार बेसरा ने इस मामले में कुछ भी बात करने से इनकार कर दिया है. खबर है कि शीघ्र ही पुलिस प्रेस क्रॉफेंस कर मामले का खुलासा करेगी.
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