गालूडीह.
घाटशिला प्रखंड के पुतड़ू गांव के लोगों और तारापद महतो के परिजन ने बुधवार की शाम गांव में बैठक की. इसके बाद गालूडीह थाना पहुंचे. ग्रामीणों के साथ कुड़मी समाज के नेता शीतल ओहदार, आस्तिक महतो, जेएलकेएम के नेता रामदास मुर्मू, मृतक के बड़े भाई षष्ठी महतो समेत अन्य शामिल थे. ग्रामीणों ने मृतक की पत्नी आशारानी महतो के लिखित शिकायत पत्र पुलिस को सौंपा. उन्होंने तारापद हत्याकांड के असल साजिशकर्ता की गिरफ्तारी की मांग की. इस संबंध में कई सबूत सौंपे. ग्रामीणों ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं.दो आरोपी गिरफ्तार, एक झारखंड से बाहर भाग गया है : एसडीपीओ
ग्रामीणों से थाना में घाटशिला एसडीपीओ अजीत कुमार कुजूर, मुसाबनी के डीएसपी संदीप भकत और थाना प्रभारी अंकु कुमार मिले. एसडीपीओ ने कहा कि असल साजिशकर्ता तक पहुंचने के लिए ही हत्याकांड में शामिल दो युवकों को किया गिरफ्तार किया है. एक फरार है. वह झारखंड से बाहर भाग गया है. उसकी तलाश जारी है.
जेल में बंद जीतेंद्र दूबे को रिमांड पर लेने की तैयारी
एसडीपीओ ने कहा कि जेल में बंद जीतेंद्र दूबे को रिमांड पर लेने की प्रक्रिया पर काम हो रहा है, ताकि पूरे मामले से राज खुल सके. एसडीपीओ के आदेश पर गालूडीह थाना प्रभारी ने कई ग्रामीणों बयान लिया. उन्होंने कहा कि पुलिस मामले में गंभीरता से जांच कर हत्याकांड में संलिप्त सभी आरोपियों को सख्त सजा दिलायेगी.
जेल से फोन कर तारापद को मिली थी धमकी
ग्रामीणों और परिजनों ने 25 नवंबर को तारापद से भाजपा नेता हराधन सिंह व अन्य की मारपीट से जुड़े सबूत दिये. जेल से फोन कर तारापद को समझौते की धमकी दी गयी थी, उक्त नंबर 9523990890 भी पुलिस को दिया.एक और युवक हिरासत में, पूछताछ जारी
इस मामले में गिरफ्तार दो युवकों को पुलिस ने बुधवार को जेल भेजा. वहीं, उसके एक साथी को पकड़ा है. उससे थाना में पूछताछ की जा रही है.
पत्नी ने थाना को सौंपा आवेदन, जमीन खरीद-बिक्री में हराधन भी शामिल था
तारापद महतो की पत्नी सह उलदा पंचायत की उप मुखिया आशा रानी महतो ने पुलिस को लिखित आवेदन सौंप कर गंभीर आरोप लगाये हैं. पूर्व में तारापद महतो पर जानलेवा हमला हुआ था, जिसकी शिकायत पर हराधन सिंह और दीपक राय को जेल भेजा गया था. बाद में आरोपियों व उनके करीबी ने दबाव और धमकी देकर समझौता कराया. सुरक्षा की गारंटी दी थी. लिखित एग्रीमेंट में उल्लेख था कि भविष्य में कोई घटना नहीं होगी. इसके बावजूद एक माह के भीतर जेल से छूटते ही तारापद महतो की गोली मारकर हत्या कर दी गयी. जमीन की खरीद-बिक्री में हराधन सिंह शुरू से शामिल था. इसी विवाद के कारण हत्या की साजिश रची गयी. उप मुखिया ने आशंका जतायी है कि हत्या में सभी नामजद आरोपियों की भूमिका हो सकती है. पुलिस से मांग की है कि मामले की गहन जांच कर सभी आरोपियों को हत्या के मुकदमे में नामजद किया जाये. दोषियों पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई हो.
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