महुलडांगरी में सुवर्णरेखा के कटाव से दहशत

नदी के कटाव की वजह से करीब 30 बीघा खेत नदी में समा गया, कटाव जारी बहरागोड़ा : बहरागोड़ा प्रखंड के महुलडांगरी गांव के लिए सुवर्णरेखा नदी अभिशाप बन गयी है. बरसात के मौसम में नदी का जल स्तर बढ़ा है. नदी का पानी पूर्व दिशा में तेजी से मिट्टी को काट रहा है. इस […]
नदी के कटाव की वजह से करीब 30 बीघा खेत नदी में समा गया, कटाव जारी
बहरागोड़ा : बहरागोड़ा प्रखंड के महुलडांगरी गांव के लिए सुवर्णरेखा नदी अभिशाप बन गयी है. बरसात के मौसम में नदी का जल स्तर बढ़ा है. नदी का पानी पूर्व दिशा में तेजी से मिट्टी को काट रहा है.
इस साल नदी के कटाव से करीब 30 बीघा खेत नदी में समा गये हैं. किसानों का कहना है कि यही हाल रहा, तो फसल से लहलहाते काफी खेत नदी में समा जायेंगे. कटाव की स्थिति यह है कि नदी का पानी श्मशान घाट तक आ पहुंचा और श्मशान घाट भी बह जायेगा. किसानों में इस बात से रोष है कि चार साल पूर्व स्वीकृत तटबंध निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है और इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है. यही हाल रहा को सभी खेत नदी में चले जायेंगे और पलायन करना पड़ेगा.
गांव का अस्तित्व भी खतरा में पड़ जायेगा. ग्रामीणों में कटाव के कारण दहशत है. विदित हो कि सुवर्णरेखा नदी के कटाव के कारण बहरागोड़ा क्षेत्र के करीब 2000 एकड़ खेत ओड़िशा में चले गये हैं.
यह मामला दोनों राज्यों की सरकार द्वारा कई प्रयासों के बावजूद भी नहीं सुलझा है. खेत का खजाना यहां के किसान दे रहे हैं, परंतु खेत पर ओड़िशा के लोगों का कब्जा है. नदी के कटाव के बहरागोड़ा के तीन गांवों का अस्तित्व मिट चुका है.
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