East Singhbhum News : बहरागोड़ा में एनएच पर 45 दिनों में पांच मौतें, ट्रॉमा सेंटर शोभा की वस्तु

Updated:
विज्ञापन
East Singhbhum News : बहरागोड़ा में एनएच पर 45 दिनों में पांच मौतें, ट्रॉमा सेंटर शोभा की वस्तु

बहरागोड़ा क्षेत्र में लचर स्वास्थ्य व्यवस्था से ग्रामीणों में रोष

विज्ञापन

बहरागोड़ा . बहरागोड़ा थाना क्षेत्र के माटिहाना में एनएच-49 पर सोमवार देर रात अज्ञात वाहन की चपेट में आने से सड़क किनारे चल रहे 44 वर्षीय विक्षिप्त की मौत हो गयी. सूचना मिलने पर थाना प्रभारी शंकर प्रसाद कुश्वाहा ने शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जमशेदपुर भेज दिया है. बहरागोड़ा में सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है. पिछले महज 45 दिनों के भीतर पांच लोगों की जान जा चुकी है. इनमें 16 मार्च को युगल माइती (55), 1 अप्रैल को हराधन पाइकेरा (35), 8 अप्रैल को विक्रम मुंडा (26), 10 अप्रैल को मोहम्मद साबिर (58), 28 अप्रैल को 44 वर्षीय विक्षिप्त की जान चली गयी.

ट्रॉमा सेंटर बेकार, विशेषज्ञ चिकित्सक व तकनीशियन नहीं

तीन राज्यों (झारखंड, बंगाल, ओडिशा) के संगम स्थल पर स्थित बहरागोड़ा में दुर्घटनाओं को देखते हुए वर्ष 2011 में ट्रॉमा सेंटर का उद्घाटन किया गया था. तत्कालीन विधायक विद्युत वरण महतो ने इसका लोकार्पण इस उम्मीद के साथ किया था कि घायलों को तत्काल इलाज मिलेगा. विडंबना यह है कि 14 साल बाद भी यहां न विशेषज्ञ चिकित्सक हैं और न कोई तकनीशियन. यहां तक कि एक ब्लड बैंक तक की सुविधा नहीं है, जिससे अत्यधिक खून बह जाने के कारण घायल दम तोड़ देते हैं.

बहरागोड़ा से जमशेदपुर की दूरी करीब 100 किमी

बहरागोड़ा से जमशेदपुर (एमजीएम अस्पताल ) की दूरी 100 किमी से अधिक है, जहां पहुंचते-पहुंचते अक्सर घायल की मौत हो जाती है. ऐसे में लोग बेहतर इलाज के लिए पड़ोसी राज्य बंगाल के गोपीबल्लवपुर (23 किमी) या ओडिशा के बारीपदा (50 किमी) जाना पसंद करते हैं.

झारखंड के लोगों की सांसें बंगाल व ओडिशा की व्यवस्था पर:

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि हम झारखंड में रहते हैं, लेकिन हमारी सांसें बंगाल और ओडिशा की स्वास्थ्य व्यवस्था पर टिकी हैं. आखिर कब तक हमारा ट्रॉमा सेंटर सिर्फ एक खाली भवन बनकर रहेगा? क्षेत्र के लोगों ने सरकार से मांग की है कि किसी भी दल की सत्ता हो, प्राथमिकता जनता की जान बचाने के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त करने की होनी चाहिए.

विज्ञापन
Atul Pathak

लेखक के बारे में

By Atul Pathak

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola