कोल्‍हान को अलग देश का दर्जा की मांग : रामो बिरुवा के बाद अब सुरेश और प्रेमचंद पिंगुवा भी गिरफ्तार

Updated at : 18 Jun 2018 6:11 PM (IST)
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कोल्‍हान को अलग देश का दर्जा की मांग : रामो बिरुवा के बाद अब सुरेश और प्रेमचंद पिंगुवा भी गिरफ्तार

– कुमारडुंगी से दोनों आरोपी की हुई गिरफ्तारी, पंड्राशाली ओपी में देशद्रोह का मामला दर्ज – दोनों रामो बिरूवा के मैसेज को ग्रामीणों तक पहुंचाने का करता था कार्य चाईबासा : कोल्हान को अलग देश का दर्जा देने की मांग करनेवाले रामो बिरुवा की गिरफ्तारी के 18 दिनों के बाद उसके दो सहयोगी सुरेश पिंगुवा […]

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– कुमारडुंगी से दोनों आरोपी की हुई गिरफ्तारी, पंड्राशाली ओपी में देशद्रोह का मामला दर्ज

– दोनों रामो बिरूवा के मैसेज को ग्रामीणों तक पहुंचाने का करता था कार्य

चाईबासा : कोल्हान को अलग देश का दर्जा देने की मांग करनेवाले रामो बिरुवा की गिरफ्तारी के 18 दिनों के बाद उसके दो सहयोगी सुरेश पिंगुवा व प्रेमचंद पिंगुवा को रविवार देर रात को कुमारडुंगी से गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने सोमवार को उक्त दोनों आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. पंड्राशाली ओपी में दोनों के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज था.

दोनों आरोपी को डीएसपी प्रकाश सोय के नेतृत्व में छापामारी कर गिरफ्तार किया गया. सुरेश पिंगुवा व प्रेम चंद पिंगुवा पुलिस से छुप कर रह रहा था. जानकारी के अनुसार, रामो की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को शक था कि उसके अन्य सहयोगी ग्रामीणों के पास जाकर वार्ता कर सकते थे.

राजद्रोह का केस दर्ज होने के बाद रामो बिरूवा भूमिगत हो गया था. उसके उत्तराधिकारी आनंद चातार की गिरफ्तारी के बाद संगठन कमजोर हो गया था. तब से उसके अन्य सहयोगी भूमिगत होकर मोर्चा संभाल रखा था. वह चिट्ठी के माध्यम से लगातार अपनी मांग प्रशासन के समक्ष रख रहा था. राजद्रोह के केस में भूमिगत होने के बाद भी उसने अपनी मांग को जायज ठहराया था.

इसके लिए उसने पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त को पत्र लिखा था, जिसमें, उसने दावा किया था कि अगर उसकी मांग गलत साबित हुई, तो वह प्रशासन को 15 अरब रुपये देगा. इसके अलावा कई अन्य पत्र भी उसने डीसी को लिखे थे. डीसी को सौंपे गये पत्र की बकायदा वह प्राप्ति भी डीसी कार्यालय से प्राप्त करता था. इसके बावजूद वह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ रहा था.

सुरेश पिंगुवा व प्रेम चंद पिंगुवा मूलरूप से कुमारडुंगी क्षेत्र के रहने वाला है. दोनों चाईबासा में आदिवासी संगठनों के साथ होने वाली विभिन्न बैठकों में शामिल होते थे. इसी दौरान रामो के संपर्क में आकर उसकी मुहिम से जुड़ गया. अवैध रूप से राजस्व वसूली के मामले में 8 अप्रैल 2017 को रामो की गिरफ्तारी के बाद दोनों सहयोगी खुल कर सामने आया आने लगे थे.

दोनों रामो बिरूवा की संदेशों को ग्रामीणों तक पहुंचाते थे. पुलिस ने गुप्त सूचना पर छुपकर रह रहे रामो बिरूवा को चाईबासा के एसपीजी मिशन कम्पाउंट स्थिति एक घर से पुलिस ने गिरफ्तारी कर ली थी. वह किराये के मकान में छुप कर रह रहे थे. वहीं से पूरे कोल्हान का संचालन कर रहे थे. इसके पूर्व भी वह पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दी थी. वह जमानत पर रिहा हुये थे.

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