कोयला उत्पादन में पिछड़ीं झारखंड की कंपनियां! ECL का प्रदर्शन 67 फीसदी पर सिमटा, MCL और SECL ने मारी बाजी

Published by : Sameer Oraon Updated At : 02 Apr 2026 7:45 PM

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कोयला उत्पादन में पिछड़ीं झारखंड की कंपनियां

Coal India Production Target 2026-27: कोल इंडिया ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 769.11 मिलियन टन कोयला उत्पादन का आंतरिक लक्ष्य तय किया है. पहले दिन के प्रदर्शन में बीसीसीएल और ईसीएल लक्ष्य से काफी पीछे रहे, जबकि एसईसीएल ने बेहतर प्रदर्शन किया. पढ़ें, क्यों डिस्पैच की 55% रफ्तार बनी है चिंता का विषय

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Coal India Production Target 2026-27, धनबाद, (मनोहर कुमार): नये वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कोल इंडिया ने अपना आंतरिक उत्पादन और डिस्पैच लक्ष्य निर्धारित कर लिया है, जिसके तहत कंपनी ने कुल 769.11 मिलियन टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य रखा है. हालांकि, कोयला मंत्रालय ने कोल इंडिया के लिए 1 बिलियन टन उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है, लेकिन कंपनी ने जमीनी हकीकत को देखते हुए अपना संशोधित आंतरिक लक्ष्य निर्धारित किया है. डिस्पैच के मोर्चे पर कंपनी ने इस साल 811.0 मिलियन टन कोयला उपभोक्ताओं तक पहुँचाने का संकल्प लिया है, जिसमें एमसीएल और एसईसीएल को सबसे बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है.

झारखंड की कंपनियों का प्रदर्शन रहा फीका

वित्तीय वर्ष के पहले ही दिन कोल इंडिया की सहायक कंपनियों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है, जिसमें झारखंड स्थित बीसीसीएल (BCCL) और ईसीएल (ECL) की स्थिति चिंताजनक नजर आ रही है. ईसीएल ने अपने संशोधित लक्ष्य के मुकाबले केवल 67 प्रतिशत उत्पादन ही हासिल किया है, जबकि डिस्पैच में उसका ग्रोथ रेट नकारात्मक दर्ज किया गया है. बीसीसीएल भी उत्पादन और डिस्पैच दोनों ही मोर्चों पर लक्ष्य से काफी पीछे रही है, जिससे पूरे साल के तय आंकड़ों को हासिल करने पर दबाव बनने की आशंका जताई जा रही है.

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एमसीएल और एसईसीएल बने ‘पावर हाउस’

इसके विपरीत, छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सहायक कंपनियों ने बेहतर शुरुआत की है. एसईसीएल (SECL) ने पहले ही दिन लक्ष्य से अधिक उत्पादन कर अपनी क्षमता साबित की है, जबकि एमसीएल (MCL) भी अपने निर्धारित लक्ष्यों के काफी करीब पहुँच गई है. आंकड़ों के अनुसार, कोल इंडिया ने पहले दिन कुल उत्पादन का लगभग 93 प्रतिशत लक्ष्य तो हासिल कर लिया, लेकिन डिस्पैच के मामले में वह केवल 55 प्रतिशत तक ही पहुँच पाई है. डिस्पैच की यह धीमी रफ्तार आने वाले समय में कोयला आपूर्ति श्रृंखला के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है.

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Sameer Oraon

लेखक के बारे में

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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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