East Singhbhum News : 10 माह से 3 खराब, एक एंबुलेंस पर 2.50 लाख की आबादी
Updated at : 02 Apr 2026 12:27 AM (IST)
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इलाज के लिए एंबुलेंस नहीं और रोजगार के लिए काम नहीं, चालक और स्वास्थ्य कर्मी भुखमरी की कगार पर
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बहरागोड़ा. स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार के तमाम दावों के बीच बहरागोड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की तस्वीर काफी चिंताजनक है. यहां की लगभग 2.50 लाख की आबादी मात्र एक 108 एंबुलेंस के भरोसे है.
यहां पर तीन एंबुलेंस लगभग 10 माह से खराब पड़े हैं. विडंबना यह है कि आपातकालीन स्थिति में मरीजों को रेफर के दौरान काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. यहां 108 एंबुलेंस उपलब्ध नहीं रहने से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से मंगायी जाती है. जिससे मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है. इसके बाद एंबुलेंस उपलब्ध करायी जाती है. जबकि यहां से प्रतिदिन पांच से सात मरीज रेफर होते हैं. एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण कई मरीज निजी वाहन से इलाज करने के लिए बाहर जाते हैं. जिसके कारण मरीज के परिवार को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.बहरागोड़ा से एमजीएम 95 किमी दूर :
बहरागोड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से प्रतिदिन 5 से 7 मरीज का रेफर होते हैं. गर्भवतियों का सिजेरियन, सड़क दुर्घटना में घायल, गंभीर बीमारी जैसे मरीजों को रेफर किया जाता है. ऐसे में यहां से अगर परिजन एमजीएम ले जाते हैं तो बहरागोड़ा से लगभग 95 किमी दूर है.
एक मरीज रेफर होने से दिनभर यातायात में कट जाता है. यहां से बारीपदा की दूरी 45 किमी है. नजदीक होने के कारण बारीपादा ही प्रतिदिन 2 से 3 मरीज को रेफर किया जाता है. ऐसी स्थिति में यहां पर खराब पड़े एंबुलेंस की मरम्मत एजेंसी द्वारा जल्द की जाए, ताकि लोगों को सुविधा उपलब्ध हो सके.स्वास्थ्यकर्मियों ने एंबुलेंस की मरम्मत कराने की मांग की :
विगत 8 माह से एंबुलेंस खराब पड़े होने के कारण चालक समेत 12 स्वास्थ्य कर्मी को मानदेय से वंचित रखा गया है. ऐसी स्थिति में सभी के समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. सभी अपने-अपने घरों में बैठे हुए हैं. जबकि एजेंसी द्वारा एंबुलेंस की मरम्मत करके नहीं दिया गया है. जिसका खामियाजा चालक एवं स्वास्थ्य कर्मी भुगत रहे हैं. स्वास्थ्य कर्मियों ने मांग की कि जल्द से जल्द एंबुलेंस की मरम्मत की जाय ताकि हमें भी रोजगार के साधन उपलब्ध हो सके.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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